सका असर नजर आया। शहर के सभी निजी और सरकारी स्कूल कैंपस पूरी तरह बंद रहे।
अजमेर. कोरोना संक्रमण से जुड़ी सरकारी गाइड लाइन का असर नजर आया। जहां सरकारी और निजी स्कूल बंद रहे। वहीं कॉलेजों और महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में कम उपस्थिति रही। स्नातक और स्नातकोत्तर की कक्षाओं में 50 प्रतिशत विद्यार्थी भी नहीं पहुंचे। सभी संस्थानों में विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाया जाएगा।
राज्य में कोरोना संक्रमण बढऩे से सरकार ने 30 जनवरी तक सभी स्कूल बंद करने और कॉलेज-विश्वविद्यालयों में 50 प्रतिशत कक्षाएं लगाने के निर्देश दिए हैं। इसका असर नजर आया। शहर के सभी निजी और सरकारी स्कूल कैंपस पूरी तरह बंद रहे। जबकि एसपीसी-जीसीए, राजकीय कन्या महाविद्यालय, सोफिया, दयानंद कॉलेज, मदस विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की उपस्थिति कम रही। यही हाल निजी कोचिंग सेंटर में नजर आया।
जुटे ऑनलाइन पढ़ाई में
सभी स्कूल, कॉलेज-विश्वविद्यालय और कोचिंग संस्थान में शिक्षक पूर्व की तरह ऑनलाइन लेक्चर/वीडियो अपलोड कर विद्यार्थियों को पढ़ाने में जुट गए। मालूम हो कि साल 2020 और 2021 में लॉकडाउन के दौरान कॉलेज और यूनिवर्सिटी, कोचिंग संस्थानों में ऑफलाइन कक्षाएं ठप थीं। विद्यार्थियों को ऑनलाइन ही पढ़ाया गया। बीते साल सितंबर में शिक्षण संस्थानों में सौ प्रतिशत विद्यार्थियों-स्टाफ को बुलाने पर ऑफलाइन कक्षाएं लगाई गई।
विवि में ऑनलाइन लेक्चर कम
मदस विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर विषयवार-संकायवार कई विभागों के ऑनलाइन लेक्चर उपलब्ध नहीं हैं। कुछ विभागों को छोड़कर ज्यादातर शिक्षकों ने लेक्चरर्स के लिंक, पीपीटी अपलोड नहीं की हैं। इसके चलते विद्यार्थियों को पढ़ाई में दिक्कतें हो रही हैं। जबकि पूर्व कार्यवाहक कुलपति प्रो. पी.सी. त्रिवेदी ने पिछले साल ही कोरोना संक्रमण के चलते ऑनलाइन शिक्षण पर जोर दिया था। इसके बाद यहां अनुपालना नहीं हो रही है।
read more: यूनीक आईडी से भर जाएगा फॉर्म, बार-बार सूचनाएं देने की नहीं होगी जरूरत
अजमेर. राज्य में विभिन्न भर्तियों के लिए आवेदन करने लाखों अभ्यर्थियों को राजस्थान लोक सेवा आयोग के भर्ती आवेदन फॉर्म बार-बार भरने की जरूरत नहीं होगी। सोमवार को आयोग की वन टाइम रजिस्ट्रेशन प्रणाली शुरू हो गई। इसके तहत अभ्यर्थियों को यूनीक रजिस्ट्रेशन नंबर (आईडी) मिलेगा। इस नंबर से फॉर्म में उनकी सारी सूचनाएं ऑटोमेटिक भर जाएंगी। वे केवल वांछित शुल्क देकर परीक्षा में बैठ सकेेंगे।
कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ. शिवसिंह राठौड़ ने बताया कि अभ्यर्थियों की सुविधार्थ वन टाइम रजिस्ट्रेशन प्रोसेस की शुरुआत की गई है। अभ्यर्थियों और आयोग ऑनलाइन को फॉर्म में नाम, माता-पिता का नाम, गृह जिला, कैटेगरी और अन्य सूचनाएं भरने-जांचने में परेशानी होती थी। कई बार गलतियां सुधारने के कारण आवेदक एक से ज्यादा फॉर्म भरते थे। अब इन समस्याओं से उन्हें छुटकारा मिलेगा।