
खादिमों की संस्था अंजुमन यादगार में 75 लाख रुपए के गबन के मामले में पूर्व कमेटी के सदस्य शेखजादा सफी मोहम्मद की अग्रिम जमानत को अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश-3 ने नामंजूर कर दिया। प्रकरण में अभी दरगाह थाना पुलिस को सात जनों की तलाश है।
अधिवक्ता एहतेश्याम चिश्ती ने बताया कि अंजुमन यादगार के पूर्व सदस्य शेखजादा सफी मोहम्मद ने गबन के मामले में कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका पेश की थी, लेकिन अदालत ने याचिका को खारिज कर दिया। पुलिस ने मामले में 22 जून को पूर्व अध्यक्ष मोहम्मद आरिफ चिश्ती व कोषाध्यक्ष अजीम मोहम्मद को गिरफ्तार किया था। उनके खिलाफ अंजुमन यादगार के वर्तमान अध्यक्ष अब्दुल जर्रार चिश्ती, सचिव अब्दुल माजिद चिश्ती ने 11 जनवरी 2019 को दरगाह थाने में पूर्व पदाधिकारियों पर 75 लाख रुपए के गबन का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया था।
यह है मामला
एहतेशाम चिश्ती ने बताया कि 14 मार्च 2017 को चुनाव हुए थे। इसमें तत्कालीन अध्यक्ष मोहम्मद आरिफ चिश्ती की कमेटी चुनाव हार गई। तत्कालीन पदाधिकारियों ने 15 से 31 मार्च के बीच अंजुमन के खाते से 75 लाख रुपए निकाल लिए। वहीं 2 अप्रेल को वर्तमान अध्यक्ष अब्दुल जर्रार चिश्ती व सचिव अब्दुल माजिद चिश्ती ने बैंक स्टेटमेंट निकालने पर गबन की जानकारी मिली। उनके नोटिस देने पर भी पूर्व पदाधिकारियों ने जवाब दिया न ही विधिवत रूप से नई कमेटी को चार्ज दिया। बाद में कोर्ट में इस्तगासा पेश किया गया। कोर्ट के आदेश से मामला दर्ज कराया गया।
Published on:
11 Jul 2019 11:20 am
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