अजमेर. गो कथावाचक फैज खान ने कहा कि इस्लाम में कहीं भी गौ हत्या को जायज नहीं ठहराया गया है। हिन्दू एवं मुस्लिम धर्म में गाय के दूध को शिफा, गाय के घी को दवा और गाय के मांमुस्लिम स को बीमारी माना गया है। देश में कहीं भी मॉब लीचिंग नहीं है। देश में गौ संरक्षण एवं गौ के नाम हिंसा को रोकने के लिए वे 24 जून 2017 को ल²ाख से सद्भावना पदयात्रा प्रारंभ की, जो बुधवार को अजमेर पहुंची।
अजमेर में जयपुर रोड स्थित होटल केसी इन में बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में गौ कथा वाचक खान ने कहा कि देशभर में किसी भी मंदिर में दलित, मुस्लिम आदि को लेकर छुआछूत नहीं है, उन्होंने पैदल यात्रा के दौरान बड़े बड़े मंदिरों में पूजा अर्चना के दौरान देखा। किसी मंदिर में जाति, धर्म के व्यक्ति को नहीं रोका जाता है। ल²ाख से पैदल यात्रा कर कन्याकुमारी पहुंचे जहां से वापस अजमेर होते हुए चंडीगढ़ पहुंचने का कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि गाय के नाम पर नफरत एवं हिंसा फैलाने की कोशिश की जाती रही है। उन्होंने कहा कि ईसा मसीह का जन्म गौशाला में हुआ, हजरत पैगम्बर ने भी कहा है कि गाय का दूध शिफा है, गाय का दूध दवा है और गाय का मांस बीमारी है। आज कैंसर का मुख्य कारण पेस्टीसाइड व यूरिया है। गौमूत्र एवं गोबर ही कैंसर से बचा सकता है। फैज खान ने तो यहां तक कहा कि बाबर ने अपने उत्तराधिकारी हुमायूं को भी कहा कि तुम्हारे राज्य में गायों की हत्या नहीं होनी चाहिए, अन्यथा मुगल साम्राज्य का पतन हो जाएगा। इस दौरान एडवोकेटर मुकेश दाधीच व अन्य भी मौजूद रहे।
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जम्मू कश्मीर की जनता स्वस्थ
फैज खान ने कहा कि अनुचछेद 370 व 35 ए हटने के बाद कश्मीर की जनता स्वस्थ है। अलगाववादी जेल में। अलगाववादी अपने बच्चों को तो ब्रिटेन व अन्य देशों में पढ़ा रहे हैं मगर कश्मीर के स्कूलों को जला दिया गया। अब कश्मीर के युवाओं को रोजगार मिलेगा।
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