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CTET: टीचर बनने के लिए सीबीएसई जुलाई में कराएगा सीटेट

दो पारियों में होगी पूरे देश में परीक्षा।

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cbse ctet exam 2020

cbse ctet exam 2020

अजमेर. सीबीएसई के तत्वावधान में 5 जुलाई को केंद्रीय अध्यापक पात्रता परीक्षा (सीटेट) का आयोजन होगा। बोर्ड ऑनलाइन फार्म भरवा चुका है। जून में प्रवेश पत्र अपलोड किए जाएंगे।

स्कूल में शिक्षक बनने के लिए सीबीएसई के तत्वावधान में केंद्रीय अध्यापक पात्रता परीक्षा (सीटेट) कराई जाती है। साल 2015-16 तक परीक्षा फरवरी और सितम्बर में कराई जाती रही थी। इसके बाद यह दिसंबर और जुलाई में कराई जाती है।दो पारियों में होगी परीक्षासीबीएसई 14 वीं सीटेट परीक्षा आयोजन 5 जुलाई को करेगा। अभ्यर्थियों को परीक्षा के करीब दो घंटे पहले केंद्रों पर पहुंचना होगा। यहां उन्हें पुख्ता जांच के बाद प्रवेश दिया जाएगा। प्रथम पेपर सुबह 9.30 से 12 बजे और द्वितीय पेपर दोपहर 2 से शाम 4.30 बजे तक होगा।

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इसीलिए कराई जाती है परीक्षा
केंद्र सरकार ने सीबीएसई, केंद्रीय विद्यालय, जवाहर नवोदय और अन्य स्कूल में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक और अन्य स्तर पर शिक्षकों की भर्ती के लिए केंद्रीय अध्यापक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करना जरूरी किया है। विभिन्न प्रदेशों में भी राज्य स्तरीय परीक्षा कराई जाती है।

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सोशल डिस्टेंसिंग और सुरक्षा के साथ चलें बिजनेस यूनिट

अजमेर. लॉकडाउन 2.0 के तहत सीमित स्तर पर औद्योगिक गतिविधियां शुरू करने के लिए जिला प्रशासन ने गाइड लाइन जारी की है। प्रशासन ने शहरी और ग्रामीण सीमा क्षेत्र में लघु इकाइयों, कुटीर और मझौले उद्यमों, जरूरी वस्तुओं का निर्माण करने वाली इकाइयों को 20 अप्रेल से उत्पादन शुरू करने के आदेश जारी किए हैं। लेकिन इसमें सोशल डिस्टेंसिंग, सेनेटाइजेशन, परिवहन के साधनों और श्रमिकों के ठहराव जैसे कड़े नियमों की पालना करनी जरूरी होगी। उद्यमियों ने भी कच्चे माल की उपलब्धता, सोशल डिस्टेंसिंग और श्रमिकों की उपलब्धता को लेकर अपनी चिंता जताई है। फिर भी वे सीमित दायरे में औद्योगिक गतिविधियां शुरू करने की तैयारी में है।

सोचना होगा सबको मिलकर

सरकार और प्रशासन ने लघु इकाइयों और छोटे-मझौले उद्योगों को शुरू करने की मंजूरी दी है। लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग और श्रमिकों के वहीं ठहराव की व्यवस्था अहम है। लॉकडाउन के कारण कच्चे माल और प्रवासी-स्थानीय श्रमिकों की उपलब्धता भी आसान नहीं है। प्रशासन, उद्यमियों और सरकार को इन मुद्दों पर एक साथ सोचना होगा।
राधेश्याम चोयल, उद्यमी