
vasudev devnani
अजमेर/जयपुर
निजी विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की नियम विरुद्ध भर्तियां हो रही हैं। पाठ्यक्रमों और पीएचडी पर सवाल उठ रहे हैं। राज्य में उच्च शिक्षा के बिगड़े ढर्रे को सुधारने के लिए नियामक आयोग बनना चाहिए। यह बात विधायक वासुदेव देवनानी ने विधानसभा में कही।
देवनानी ने कहा कि राज्य में उच्च शिक्षा पटरी पर नहीं है। यहां मध्यप्रदेश एवं छतीशगढ की तर्ज पर उच्च शिक्षा नियामक आयोग बनाने की आवश्यकता है। भाजपा सरकार के कार्यकाल में निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना की गई। ताकि राज्य के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा में अधिकाधिक प्रवेश और शोध के अवसर मिलें।
लेकिन उच्च शिक्षा में सकारात्मक परिणाम नहीं आ पाए। निजी विश्वविद्यालयों में मनमाने ढंग से दाखिले जारी हैं। कोर्स की अवधि और नियमबद्धता का ठिकाना नहीं है। फर्जी डिग्रियां बांटने की शिकायतें मिली हैं। यूजीसी के नियम व मापदण्डों के विरूद्ध शिक्षकों कीनियुक्तियां हो रही हैं।
करने होंगे मिलकर प्रयास
देवनानी ने राज्य में गरीब विद्यार्थियों को सस्ती उच्च शिक्षा और पारदर्शी प्रक्रिया से योग्य प्राध्यपकों की नियुक्ति के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। उच्च शिक्षा के मौजूदा हालात से विद्यार्थी खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। हम सबको राजनीति से उपर उठकर प्रयास करना होगा।
बोर्ड परीक्षा में मोबाइल, केलक्यूलेटर और अन्य सामान पर रोक
अजमेर. सीबीएसई की दसवीं और बारहवीं की परीक्षा के दौरान विद्यार्थी मोबाइल, केलक्यूलेटर और अन्य सामान नहीं ले सकेंगे। बोर्ड ने परीक्षाओं को लेकर आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं।दसवीं और बारहवीं के मुख्य विषयों के पेपर अगले सप्ताह से शुरू होंगे। बोर्ड ने विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्रों पर सामग्री से जुड़े निर्देश जारी किए हैं।
Published on:
20 Feb 2020 09:00 am

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