
property stamp duty जमीनों की दरों के साथ स्टाम्प शुल्क भी ज्यादा, रियल एस्टेट कारोबारियों ने की कम करने की मांग
दिलीप शर्मा
अजमेर. भूमि खरीद-फरोख्त के लिए सरकार की ओर से जिला स्तरीय समिति (डीएलसी) की दरें अब सटीक होंगी। किसी भी एक क्षेत्र की निर्धारित दरों में भिन्नता नहीं रहेगी। भूमि का आकलन गूगल मैप के जरिए सटीक किया जा सकेगा। इससे दो निकट की भूमियों में वास्तविक अंतर अनुसार ही दरें तय होंगी। मुख्यमंत्री की बजट घोषणा के अनुरूप पंजीयन व मुद्रांक विभाग में सहायक नगर नियोजक की तकनीकी मदद से डीएलसी रिकार्ड की गूगल मैपिंग का कार्य प्रगति पर है। दूसरे चरण में डीएलसी दरों का रेशनलाइजेशन (युुक्तिसंगत) बनाया जाएगा।
अब तक अंदाजा, पांच से दस प्रतिशत की वृदि्धपिछले करीब 25-30 साल से जिला कलक्टर की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय कमेटी (डीएलसी) भूमि का हाईवे से नजदीकी राजस्व ग्राम क्षेत्र अनुसार अंदाजा लगाते हुए दरों को तय करती रही हैं। इसमें समय- समय अनुसार 5 से 10 प्रतिशत की वृदि्ध होती रहती है, लेकिन अब यह संशय नहीं रहेगा। किसी भी क्षेत्र को जीपीएस से सर्च कर उसकी दरों का निर्धारण होगा।
अभी ऐसे होती है दरों में भिन्नता
अभी किसी क्षेत्र की डीएलसी दरों में भोगौलिक रूप से खासा अंतर है। जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़े लोगों से मिली जानकारी अनुसार डीएलसी दरों के अंतर को ऐसे समझा जा सकता है।पंचशील नगर से सटे क्षेत्र (डीएलसी दरें)
पंचशील : 5000 से 6000 रुपए
ऑफिसर कॉलोनी : 2000 रुपए
गणेश गुवाड़ी : 5900 रुपएजनाना अस्पताल रोड
वन विभाग चौकी से जनाना अस्पताल : 35 से 40 हजार रुपए
लोहागल राजस्व ग्राम : 15000 रुपए
तीनों क्षेत्र एक ही मार्ग पर हैं।
गूगल मैपिंग के बाद रेशनलाइजेशन या युक्तिसंगत बना कर इन दरों को फिक्स कर दिया जाएगा। इन स्थानों को एक सर्किल में लेते हुए एक दर तय कर दी जाएगी, जिससे अंतर खत्म हो जाएगा। दरों में संशय नहीं रहेगा। अभी डीएलसी दरों व बाजार दरों में खासी भिन्नता रहती है।
भूमि खरीद-फरोख्त में रहेगी सुविधा
अपडेटेशन का काम पूरा होने के बाद आम लोगों को भूमि खरीद-फरोख्त में सुविधा रहेगी। संशय की िस्थति खत्म हो जाएगी।
अंशदीप, महानिरीक्षक, पंजीयन व मुद्रांक विभाग
Published on:
12 Jun 2023 11:49 pm
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