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तैयार रहें ई-वॉलेट और डिजिटल फार्म के लिए, जल्द मिलेगा ये गिफ्ट

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अजमेर.

महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय ऑनलाइन परीक्षा फार्म प्रक्रिया को बेहतर बना सकता है। ई-वॉलेट और डिजिटल फार्म योजना को लेकर प्रशासन योजना बनाने में जुटा है। सरकार, राजभवन और कुलपति से सहमति मिलने के बाद विद्यार्थियों के लिए इसकी शुरुआत की जाएगी।

विश्वविद्यालतय प्रतिवर्ष स्नातक और स्नातकोत्तर परीक्षाओं के फार्म ऑनलाइन भराता है। मौजूदा वक्त विद्यार्थियों को सिर्फ ई-मित्र पर ही ऑनलाइन फार्म भरने की सुविधा है। इसके बाद बैंक में चालान से फीस और हार्ड कॉपी का प्रिंट निकालकर कॉलेजों में जमा कराना पड़ता है। यह प्रक्रिया विद्यार्थियों को जबरदस्त परेशान करती है। हालांकि साल 2018 से विश्वविद्यालय ने पहली बार प्री-फिल्ड फार्म भरवाने की व्यवस्था भरवाए। इसमें केवल प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों से फॉर्म भरवाए गए हैं। बाकी कक्षाओं के परीक्षा फार्म में अभ्यर्थी का पूर्व वर्ष का डाटा काम में लिया जाएगा।

डिजिटल फॉर्म योजना
विश्वविद्यालय डिजिटल परीक्षा फार्म योजना शुरू करना चाहता है। इसके तहत विद्यार्थी ई-मित्र, घर पर कम्प्यूटर-लेपटॉप अथवा वेबसाइट से सीधे ऑनलाइन परीक्षा फार्म भर सकेंगे। फीस का भुगतान डेबिट-क्रेडिट कार्ड, पे-टीएम और अन्य ऑनलाइन विकल्पों से हो सकेगा। विद्यार्थी सुविधा के लिए हार्ड कॉपी निकाल सकेंगे। फार्म में नाम, माता-पिता का नाम, पेपर या अन्य कोई त्रुटि रहने पर सीबीएसई या अन्य एजेंसी की तरह सुधार के लिए पोर्टल खोला जाना प्रस्तावित है।

ताकि भरें सिर्फ जरूरी सूचनाएं....
विद्यार्थियों को प्रतिवर्ष परीक्षा फार्म में नाम, माता-पिता का नाम और संकाय और अन्य सूचनाएं भरनी पड़ती हैं। इसकी हार्ड कॉपी में जांच होती है। विश्वविद्यालय प्रशासन वन टाइम रजिस्ट्रेशन की तर्ज पर नई योजना बनाना चाहता है। इसमें विद्यार्थियों को नाम, माता-पिता का नाम, संकाय जैसी सूचनाएं बार-बार नहीं भरनी पड़ेंगी। विद्यार्थी को संबंधित कक्षा के उत्तीर्ण/अनुत्तीर्ण होने की मार्कशीट, पेपर के नाम ही भरने होंगे। इस बारे में दक्ष तकनीकी विशेषज्ञों, फर्मों से चर्चा होगी। सरकार, राजभवन और कुलपति से भी मंजूरी ली जाएगी।

पीछे है डिजिटल इंडिया योजना में...
पीएम नरेंद्र मोदी की डिजिटल इंडिया योजना में विश्वविद्यालय काफी पीछे है। जहां देश के कई संस्थान ई-पेमेंट, डिजिटल प्लेटफार्म पर परीक्षा और सामान्य कामकाज करने लगे हैं। वहीं विश्वविद्यालय पुराने ढर्रे पर संचालित है। यहां पेपरलेस कामकाज और विभागवार ई-फाइलिंग सिस्टम शुरू नहीं हो पाया है। पत्रावलियों में अनावश्यक टिप्पणियां, कार्य में विलंब और अन्य परिपाटी जारी हैं।