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शिक्षा विभाग: ड्रॉप आउट-रिजल्ट के लिए अब जिम्मेदार होंगे वाइस प्रिंसिपल

राज्य सरकार ने जारी किया वर्क-चार्ट, नया संवर्ग बनाकर स्वीकृत किए हैं साढ़े बारह हजार पद

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शिक्षा विभाग: ड्रॉप आउट-रिजल्ट के लिए अब जिम्मेदार होंगे वाइस प्रिंसिपल

शिक्षा विभाग: ड्रॉप आउट-रिजल्ट के लिए अब जिम्मेदार होंगे वाइस प्रिंसिपल

अजमेर. स्कूली शिक्षा विभाग में चालू शैक्षणिक सत्र से नवसृजित उप प्रधानाचार्य पद के लिए राज्य सरकार ने कार्य निर्धारण कर दिया है। शासन स्तर से हाल ही दो दिन पूर्व इसके आदेश जारी किए गए। आदेशों के मुताबिक वाइस प्रिंसिपल के जिम्मे स्कूलों में बच्चों का ठहराव सुनिश्चित करना व परीक्षा परिणाम उन्नयन की योजना बनाना मुख्य कार्य होगा। कक्षा 5 व 8 के परीक्षा परिणाम के लिए वे पूर्णत: उत्तरदायी होंगे। उन्हें कक्षाओं में पढ़ाना भी अनिवार्य होगा। हालांकि इसके अतिरिक्त भी उन्हें कई दायित्व सौंपे गए हैं।

शून्य पर लाना होगा ड्रॉप आउटराज्य के सरकारी स्कूलों में बच्चों के ठहराव को वर्षपर्यंत बनाए रखना अब उप प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी होगी। सरकारी स्कूलों के सामने फिलहाल यह बड़ा संकट है। हालांकि अंग्रेजी मीडियम स्कूलों में स्थिति कुछ भिन्न है। वाइस प्रिंसिपल को नामांकन कार्य, नामांकन लक्ष्य की पूर्ति व स्कूल में बच्चों का ठहराव सुनिश्चित करना होगा।

रिजल्ट की होगी जिम्मेदारीवाइस प्रिंसिपल को सीनियर सैकेंडरी स्कूल में उच्च प्राथमिक स्तर तक शैक्षिक गुणवत्ता सुधार हेतु कार्यक्रमों का संचालन-प्रबोधन करना होगा। कक्षा 5, 8 , 10 व 12 की बोर्ड परीक्षा परिणाम हेतु कार्ययोजना बनाकर क्रियान्विति में प्रधानाचार्य का सहयोग भी उनका काम होगा। हालांकि कक्षा 5 व 8 के रिजल्ट के लिए वे स्वयं जिम्मेदार होंगे।

लेनी होंगी कक्षाएंउप प्रधानाचार्य को स्कूल में प्रशासनिक कामकाज के अलावा शिक्षण भी कराना होगा। राज्य सरकार ने उनके लिए प्रति साप्ताहिक 18 कालांश का शिक्षण अनिवार्य किया है। उन्हें प्रतिमाह कक्षा, शिक्षण एवं होमवर्क का परिवीक्षण करना होगा। प्रत्येक तिमाही में प्रत्येक शिक्षक के दो घोषित व दो अघोषित निरीक्षण भी करने होंगे।

ड्यूटी चार्ट में यह भी काम-स्कूल से संबंधित समस्त ऑनलाइन कार्य के पोर्टल प्रभारी।

-प्रवेश प्रक्रिया का संचालन-रिकॉर्ड संधारण, शाला दर्पण अपडेशन।-विद्यालय योजना निर्माण, एसडीएमसी से अनुमोदन-पालना।

-स्थानीय परीक्षा, सामयिक परख का संचालन, शिक्षक डायरी का अवलोकन।-कोपटा की पालना, समस्त सरकारी कार्यक्रम-योजनाओं के पदेन प्रभारी।

-अकादमिक प्रतियोगिताओं-कार्यक्रमों, पोषाहार वितरण का संचालन।-प्रधानाचार्य द्वारा सौंपे गए अन्य कार्य दायित्व।

स्वीकृत किए हैं 12,421 पदराज्य सरकार ने राजस्थान शिक्षा (राज्य एवं अधीनस्थ) सेवा नियम (द्वितीय संशोधन)-2022 द्वारा नवसंवर्गित उप प्रधानाचार्य (लेवल-14) के प्रदेशभर में कुल 12 हजार 421 पद सृजित किए हैं। पदों को वित्त विभाग की मंजूरी भी प्रदान कर दी गई है। स्वीकृत पदों में 9852 पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी (पीईईओ), 365 शहरी संकुल प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी (यूसीईईओ) लगाए जाएंगे। इन दोनों कैटेगरी के अलावा 275 से अधिक नामांकन वाले शेष रहे स्कूल में 2204 उप प्रधानाचार्य लगाए जाएंगे।