
राजस्थान में बिजली का बिल करंट दे, इससे पहले चल रही सुनवाई
अजमेर। electricity unit Price Rajasthan : राजस्थान में अजमेर-मेरवाड़ा गण परिषद ने राज्य में बिजली की दरें बढ़ाए जाने की बिजली कंपनियों की प्रस्तावित मांग पर राजस्थान विद्युत नियामक आयोग के समक्ष कड़ा एतराज दर्ज कराते हुए इसे पूर्ण रूप से असंगत, अवांछनीय तथा जनविरोधी करार दिया है।
परिषद के अध्यक्ष सज्जन सिंह चौधरी ने शनिवार को बताया कि विद्युत टैरिफ 2019-20 को लेकर एक याचिका आयोग के समक्ष पेश की गई जिस पर आयोग ने अजमेर कैंप में 19 नवंबर को सुनवाई की। इस सुनवाई में परिषद ने अजमेर विद्युत वितरण निगम द्वारा प्रस्तावित नवीन विद्युत टैरिफ पर असहमति व्यक्त करते हुए उसे मंजूरी नहीं देने की प्रार्थना की है।
उन्होंने बताया कि परिषद ने राजस्थान में लागू विद्युत दरों की अन्य राज्यों पंजाब, उत्तरप्रदेश, दिल्ली, मध्यप्रदेश के साथ तुलनात्मक तथ्य प्रस्तुत किए और आयोग को बताया कि राजस्थान की अपेक्षा उक्त राज्यों में विद्युत दरें काफी कम है। इसके बावजूद बिजली कंपनियां विद्युत दरों में बढ़ोत्तरी की बात कह रही है जो न केवल असहनीय है बल्कि राजस्थान की जनता की क्षमता के बाहर भी है।
दिल्ली में 200 यूनिट तक बिजली खर्च करने वालों को बिजली फ्री में मिल रही है। 201 से 400 यूनिट तक बिजली खर्च होने पर 50 फीसदी सब्सिडी दी जा रही है। वहीं अगर हम राजस्थान की बात करें तो यहां पड़ौसी राज्यों के शहरों की तुलना में सबसे ज्यादा विद्युत दर ली जा रही है। इसमें मुख्य रूप से घरेलू उपभोक्ताओं का टैरिफ स्लेब शामिल है।
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Updated on:
23 Nov 2019 02:50 pm
Published on:
23 Nov 2019 02:48 pm
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