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किसान होगा आत्मनिर्भर, कनेक्शन के लिए नहीं करना पड़ेगा इंतजार

कुसुम योजना : इलेक्ट्रिक मोटरों को सोलर पैनल से बदलने का काम शुरू, अनुपयोगी जमीन का हो सकेगा उपयोग, सोलर से किसान करेंगे कमाई
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अजमेर

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Baljeet Singh

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Updated: 4 Oct 2019, 5:01 AM IST

किसान होगा आत्मनिर्भर, कनेक्शन के लिए नहीं करना पड़ेगा इंतजार

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अजमेर. किसानों की अनुपयोगी जमीन का उपयोग करते हुए उसे आत्मनिर्भर बनाकर उसकी आय बढ़ाने के लिए अजमेर विद्युत वितरण निगम ने कवायद शुरू कर दी है। निगम ने पायलट प्रोजेक्ट के रूप में राजसमंद जिले का एक फीडर चुना है। इसके 21 कुओं पर लगी बिजली की मोटरों को सोलर पैनल से परिवर्तित करते हुए सोलराईजेशन किया जाएगा। इससे किसान को दिन में बिजली मिलेगी। जब मोटर का उपयोग नहीं हो रहा होगा उस दौरान सोलर पैनल से उत्पादित बिजली को किसान ग्रिड को बेच सकेगा। इससे उसकी कमाई भी होगी।
अजमेर डिस्कॉम को 6600 कनेक्शन का सोलराइजेशन करते हुए यहां लगी इलेक्ट्रिक मोटरें हटाई जानी है। इस योजना से किसान आत्मनिर्भर बनेगा तथा उसे कृषि कनेक्शन के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। केन्द्र सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान योजना (पीएम कुसुम) के तहत यह काम हो रहा है।
12,300 इलेक्ट्रिक मोटरें बदली जाएंगी सोलर पैनल से

राजस्थान में 12,500 विद्युत मोटरों को सोलर पम्पिंग सिस्टम के जरिए रिप्लेस किए जाने का लक्ष्य है। तीनों विद्युत वितरण कम्पनियों ने इसके लिए 1-1 फीडर को चुना है। इस तरह राज्य के 64 कुओं पर पायलट प्रोजेक्ट लागू किया जा रहा है। इसके तहत प्रत्येक कुएं पर कनेक्शन की क्षमता के अनुसार सोलर प्लेट लगाई जाएगी। स्मार्ट मीटर के जरिए बिजली मिलेगी।
इस तरह होगा काम

किसान के कुएं पर लगी इलेक्ट्रिक मोटर को सोलर पैनल से बदला जाएगा। उपभोक्ता को कुल खर्च की 10 फीसदी राशि देनी होगी, जबकि 30 फीसदी राशि केन्द्र व 30 फीसदी राज्य सरकार देगी। 30 प्रतिशत राशि निगम उपभोक्ता को ऋण के रूप में उपलब्ध कराएगा। सोलर पैनल लगाने के बाद इसकी राशि 3 साल में वसूल हो जाएगी। ठेकेदार कम्पनी 5 साल तक इसकी मेंटीनेंस करेगी।
इनका कहना है...

इस योजना के तहत किसान को जल्द कनेक्शन मिल सकेगा। किसान बिजली भी बेच सकेगा। इससे उसे अतिरिक्त आय भी होगी।
वी. एस. भाटी, एमडी, अजमेर डिस्कॉमक्च