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पटाखे छीन सकते हैं आंखों की ‘रोशनी, पटाखे चलाते समय बरतें सावधानी
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पटाखे छीन सकते हैं आंखों की ‘रोशनी, पटाखे चलाते समय बरतें सावधानी

बारूद व मिट्टी के कण उछलकर आंखों का हीरा क्षतिग्रस्त कर सकते हैं, पटाखे छोड़ते समय बच्चों को दूर रखें, भीड़ के मध्य नहीं चलाएं पटाखे
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अजमेर

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Chandra Prakash Joshi

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Updated: 26 Oct 2019, 4:34 PM IST

अजमेर. पटाखे छोड़ते समय सावधानी रखना बहुत जरूरी है, जरा सी लापरवाही आंखों को नुकसान पहुंचा सकती है। इससे आंखों की रोशनी भी जा सकती है। इसके लिए पटाखे छोड़ते समय बच्चों को दूर रखने की हिदायत दें, आमजन एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में पटाखे नहीं छोड़ें।

दीपावली पर्व को उत्साह एवं उमंग के साथ मनाने के लिए पटाखे छोडऩे की परंपरा तो हैं मगर अति उत्साह में कहीं बच्चों एवं युवाओं को पटाखों से किसी तरह का नुकसान नहीं हो इसके लिए कुछ सावधानियां आवश्यक है। संभाग के सबसे बड़े अस्पताल में पटाखों से आंखों के चोटिल होने के केस पिछले दो तीन दिन से बढ़ गए हैं, मगर दीपावली पर इस तरह के केस और ना बढ़े इसके लिए भी इन सावधानियों पर अमल करने की जरूरत है।

यह बरतें सावधानियां

-पटाखे छोड़ते समय बच्चों को दूर रखें।

-मटके में रखकर पटाखे नहीं चलाएं।
-कांच की बोतलों में रखकर पटाखे नहीं चलाएं।

-भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में पटाखे नहीं चलाएं।
-मिट्टी एवं कंकड़ अधिक वाले क्षेत्र में तेज आवाज वाले पटाखे नहीं चलाएं।

-पटाखा चलाने के बाद भी नहीं चले तो नजदीक नहीं जाएं, इंतजार करें।

आंखों को नुकसान ही नहीं दृष्टि भी जा सकती है

मटके या कांच की बोतलों में पटाखे चलाने से इनके कण आंखों को चोटिल कर सकते हैं। आंखों के नीचे चोट से नजर के साथ स्किन को भी नुकसान हो सकता है। दीपावली का उत्साह पटाखे छोड़कर मनाएं मगर सावधानी बरतें। कम आवाज वाले पटाखे जलाएं मगर पटाखों की रोशनी को नजदीक से नहीं देखें।

डॉ. राजेश कुमार सैनी, सहायक आचार्य नेत्र रोग विभाग जेएलएनएच

एक्सपर्ट व्यू:

पटाखे चलाकर (छोड़) दूर होना चाहिए, पटाखों के बारूद से आंखों का हीरा क्षतिग्रस्त हो सकता है। आंखों की पुतलियां जलने का भी खतरा बना रहता है। आंख में कंकड़, मिट्टी के कण उछलकर गिर सकते हैं। इससे नजर भी जा सकती है।
डॉ. संजीव नैनीवाल, विभागाध्यक्ष नेत्र रोग विभाग