
भाजपा ने खेमाराम को बनाया ‘ खेवनहार’, पूर्व विधायक व मंत्री रहने का खासा अनुभव होने से जीत की उम्मीद
चूरू. सुजानगढ़ विधानसभा उपचुनाव में भाजपा ने खेमाराम मेघवाल पर एक बार फिर विश्वास जताया है। उन्हें टिकट देकर मैदान में उतार दिया है, जबकि कांग्रेस ने अभी प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। यहां पर कांग्रेस दिवंगत भंवरलाल मेघवाल के पुत्र मनोज मेघवाल पैनल में एकमात्र दावेदार है। टिकट मिलने के बाद खेमाराम ने बताया कि पार्टी ने उन पर जिस भावना से विश्वास जताया है, उसको कार्यकर्ताओं व समर्थकों के साथ पूरा करेंगे।
खेमाराम का जीवन परिचय
नाम : खेमाराम मेघवाल
उम्र : 55
शिक्षा : स्नात द्वितीय वर्ष
प्रत्याशी का आधार
आमदनी : खेती व व्यापार, पेंशन
सोशल मीडिया : फेसबुक पेज पर कम सक्रिय
पहचान : पार्षद से विधायक व मंत्री अनुभव : करीब 30 साल से राजनीति में सक्रियता : सुजानगढ़ में राजनीति में वे 1985 से सक्रिय हैं। दो बार विधायक चुने जा चुके और एक बार राज्य मंत्री भी रह चुके।
खेमाराम का राजनीतिक जीवन
खेमाराम मेघवाल की उम्र 55 वर्ष है। वह पहली बार 1990 में पार्षद बने। दूसरी बार 1995 व 2000 में तीसरी बार पार्षद चुने गए। वर्ष 2003 में पहली बार भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ा और एमएलए बने। वसुंधरा सरकार में पहले मंत्री मंडल के गठन में उन्हें खनिज राज्य मंत्री बनाया गया। दूसरी बार 2013 में एमएलए चुने गए। वर्ष 2018 में पराजित हो गए। सामाजिक न्याय मंत्री भंवरलाल मेघवाल के निधन के बाद उपचुनाव के चलते पार्टी ने 2021 में फिर से उन पर विश्वास जताते हुए मैदान में उतारा है।
यह रहेंगे समीकरण
सुजानगढ़ विधानसभा सीट एससी के लिए आरक्षित है। खेमाराम की सादगी इनकी मजबूती है। जाट और एससी वोटों पर कितनी सेंधमार सकते हैं। खेमाराम की जीत इसी पर निर्भर करती है। हालांकि यह क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं।
जाट व एससी बाहुल्य क्षेत्र है सुजानगढ़
सुजानगढ़ विधानसभा क्षेत्र में कुल मतदाता 2 लाख 74 हजार 792 हैं। अगर जातिगत समीकरणों का आंकड़ा देखा जाए तो सर्वाधिक जाट मतदाता करीब 63 हजार है। दूसरे नंबर पर मेघवाल जाति के करीब 45 हजार वोट हैं। 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को 44 हजार 883 व कांग्रेस को 83 हजार 632 मत मिले थे। इस प्रकार जीत का अंतर 38 हजार 749 रहा।
Published on:
26 Mar 2021 12:17 am
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