6 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

शहर का नया टूरिस्ट स्पॉट बनेगा फॉय सागर

आना सागर की तरह विकसित की जा रही है चौपाटी उदयपुर की फतेह सागर झील की तरह हो रहा विकास एडीए खर्च करेगा 3.18 करोड़ 80 फीसदी काम हुआ पूरा

2 min read
Google source verification
anasagar lake in ajmer

anasagar lake in ajmer

अजमेर. ऐतिहासिक फाय सागर झील शहर जल्द ही शहर का नया टूरिस्ट स्पॉट बनेगा। अजमेर विकास प्राधिकरण उदयपुर की फतेहसागर झील की तरह फायसागर झील क्षेत्र का विकास करते हुए फायसागर लेक फ्रंट डवलपमेंट प्लान तैयार करेगा। इसके लिए निर्माण कार्य शुरु कर दिया है। झील किनारे 3 करोड़ 18 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। 700 मीटर पाल ऊपर तथा 500 मीटर पाल के नीचे पाथ-वे का निर्माण किया जा रहा है। लोगों को घूमने के लिए चौपाटी का नजारा मिलेगा। इसके साथ ही सम्पूर्ण क्षेत्र में पौधारोपण एवं लॉन लगाने का कार्य भी किया जाएगा। गार्डन में पत्थर से निर्मित आकर्षक छतरियां लगाई जाएंगी। इससे झील का व्यू पॉइंट तैयार होगा। बैठने के लिए बेंच भी लगाई जाएंगी एवं गार्डन लाइट सुविधाओं का निर्माण कार्य भी किया जाएगा। इससे अजमेर शहर के स्थानीय लोगों के साथ ही बाहर से आने वाले पर्यटकों को भी स्वच्छ वातावरण का लाभ मिल सकेगा। करीब 80 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है।

812.44 हेक्टेयर क्षेत्र का होगा विकास

इसके लिए प्रथम चरण में 20 करोड़ रूपए खर्च किए जाएंगे। फायसागर लेक फ्रंट के तहत विकसित किए जाने वाले क्षेत्र का कुल क्षेत्रफल 812.44 हेक्टेयर है। इसमें से फायसागर झील का एरिया 08.54 हेक्टेयर है। जिस क्षेत्र में लेक फ्रंट डवलप किया जाएगा उसका एरिया 702.37 हेक्टर है। फाय सागर झील क्षेत्र की अप्रोच रोड को मास्टर प्लान में प्रस्तावित चौड़ाई के अनुसार विकसित किया जाएगा।

बढ़ेगा पर्यटन,अन्य अपार संभावनाएं

फायसागर क्षेत्र एंट्रीप्वाइंट का सौदर्यकरण करते हुए इस लेक के चारो ओर एक सड़क पहाड़ी तलहटी से होकर निर्माण किया जाएगा। इस क्षेत्र में लेक के साथ मास्टर प्लान प्रस्तावों में ग्रीन, बफर क्षेत्र प्रस्तावित किया गया है। जिसमें बर्ड सेंचुरी, डीयर पार्क, बोटलीकल गार्डन,वाकिंग ट्रेक बनाए जाएंगे। एक बड़ा क्षेत्र लेक के चारों और मास्टर प्लान प्रस्तावों में जी-2 क्षेत्र दर्शाया गया है इसमे रिसोर्टस, रिसोर्टस हाउसिंग, इकोलॉजिकल हाउसिंग,मोटल्स,एम्यूजमेंट पार्क, साइकिल ट्रेक, पाथ-वे आदि बनाया जाएगा। इसके लिए डीपीआर तैयार करते हुए लैंडस्केप ऑर्किटेक्ट के जरिए इस क्षेत्र को मल्टीपरपज रिक्रियशनल क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा।