
cylinder blast
अजमेर.
निकटवर्ती गांव भूड़ोल में रविवार सुबह हादसा पेश आया। घरेलू गैस सिलेंडर बदलने के दौरान गैस लीक होने से तेज धमाके के साथ आग लग गई। आग में एक विवाहिता का शरीर 80 फीसदी झुलस गया जबकि विवाहिता के देवर और ससुर आंशिक झुलस गए। तीनों को जवाहरलाल नेहरू अस्पताल की बर्न युनिट में भर्ती करवाया है। जहां चिकित्सकों ने विवाहिता की हालत नाजुक बताई है। गेगल थाना पुलिस मामले की पड़ताल में जुटी है।
बदल रही थी सिलेंडर
पुलिस के अनुसार गेगल थाना क्षेत्र के भूडोल गांव में रविवार को चाय बनाने के लिए आरती पत्नी मनीष शर्मा गैस खत्म होने पर सिलेंडर बदल रही थी। सिलेंडर बदलने के बाद ज्यों ही आरती ने गैस ऑन करके लाइटर जलाया। तेज धमाके के साथ रसोई आग की लपटों में घिर गया। मनीष ने बताया कि वह नाइट ड्यूटी करके लौटा था। तो कमरे में सो रहा था। ज्यों ही तेज धमाका हुआ उसकी नींद खुल गई। देखा रसोई से उसका भाई चन्द्रप्रकाश जलता हुआ बाहर आया। उसने उस पर कम्बल डालकर आग को बुझाया। इसके बाद उसने रसोई में मौजूद आरती पर कम्बल डाल करके आग बुझाई। उसके पिता के शरीर भी झुलस गया। तीनों को जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया।
विवाहिता है गर्भवति
सर्जरी विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. उम्मेदसिंह परिहार ने बताया कि आरतीदेवी का शरीर करीब 80 फीसदी झुलस गया। वह गर्भवति भी है। ऐसे में बच्चे की जान को खतरा है। विवाहिता की हालत गंभीर बनी हुई है जबकि विवाहिता के देवर चन्द्रप्रकाश 25 व ससुर प्रेमचन्द 20 फीसदी झुलसे, दोनों खतरे से बाहर है। चिकित्सकों की टीम उपचार में जुटी हुई है।
सिलेंडर का वॉल्व लिकेज!
विवाहिता के रिश्तेदारों का आरोप है कि गैस सिलेंडर के वॉल्व में लिकेज था। लिकेज सिलेंडर से लगातार गैस रिसाव होने से हादसा पेश आया। उनका आरोप है कि गैस एजेंसी संचालक व गैस बॉय बिना जांच किए ग्राहक को सिलेंडर की डिलीवरी कर देते है। जिससे सिलेंडर लगाने के दौरान हादसे पेश आते है। आरती भी रविवार सुबह गैस खत्म होने पर टंकी बदल रही थी।
Published on:
10 Mar 2019 06:21 pm
