अमित काकड़ा
अजमेर. गत दिनों से प्रदेश में चल रहे आंधी-तूफान बारिश और बिपरजॉय चक्रवात का असर अजमेर, जयपुर और टोंक के लिए जलापूर्ति करने वाले बीसलपुर बांध के लिए वरदान साबित हुआ है। बीसलपुर बांध के निर्माण के बाद से अब तक जून माह में सबसे कम पानी की खपत हुई है। जबकि जून माह में बांध से करीब साढे पंद्रह हजार एमएलडी पानी निकाला गया। बांध में पानी का आवक होने और वाष्पीकरण कम होने के कारण यह स्थिति बनी है।
312.78 मीटर जल स्तर
बीसलपुर बांध का लेवल फिलहाल 312.78 मीटर है। बांध से जयपुर, अजमेर और टोंक के लोगों को पेयजल सप्लाई लिए नौ सौ एमएलडी पानी निकाला जाता है। गर्मी में तापमान ज्यादा होने के कारण पानी का वाष्पीकरण भी ज्यादा होता है। इसके कारण बांध से गर्मी में पानी तेजी से कम होता है। तेज गर्मी में जितना पानी लिया जाता है वाष्पीकरण में भी तकरीबन उतना ही उड़ भी जाता है।
लेवल के अनुरूप ही उड़ता है पानी
जानकारों के अनुसार बीसलपुर बांध का लेवल जितना ज्यादा होता है उतना ज्यादा पानी भाप बनकर उड़ जाता है। इस बार बांध का जलस्तर 312.78 मीटर है। बांध में पानी का फैलाव ज्यादा होने से वाष्पीकरण की प्रक्रिया भी तेज होती है। लेकिन इस मर्तबा अभी तक ज्यादा गर्मी नहीं पड़ी है। धूप में तेजी भी कम है। जून के 18 दिन में दो दिन तो बारिश के कारण बांध का जल स्तर भी स्थिर रहा। 8 दिन बांध का जल स्तर 1 सेमी गिरा। जबकि 12 से 15 जून की अवधि में यह आंकड़ा 2 सेमी रहा। जून माह में अभी तक बांध का स्तर .22 सेमी गिरा।
एक्सपर्ट व्यू
इस वर्ष जून में पहली बार बांध में पानी की आवक हुई है। बांध का जल स्तर भी कम गिरा है। गर्मी कम होने से वाष्पीकरण कम हुआ। संभवत: ऐसा पहली बार ऐसा हो रहा है। अन्यथा जून में पानी का काफी ज्यादा वाष्पीकरण होता है।
रामनिवास खाती
(सेनि.)एक्सईएन, जलदाय विभाग
जून में बांध की स्थिति
0 सेमी गिरा 2 दिन
1 सेमी गिरा 9 दिन
2 सेमी गिरा 7 दिन