
geography lab
रक्तिम तिवारी/अजमेर.
सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय का भूगोल विभाग गांवों की भौगोलिक ‘कुंडली ’ तैयार करने में जुटा है। इसमें गांवों के भौगोलिक क्षेत्रों पर शोध, वन और जलाशयों में कमी, जीआईएस सर्वेक्षण के अलावा अन्य कार्य शुरू हो गए हैं। इससे ग्राम पंचायतों और जिला प्रशासन को वास्तविक आकलन में सहूलियत होगी।
1836 में स्थापित एसपीसी-जीसीए में केमिस्ट्री, भूगोल, जूलॉजी, बॉटनी और अन्य विभागों की देश-दुनिया में पहचान है। कॉलेज के भूगोल विभाग में हाइटेक लेब तैयार की गई है। इसके लिए राज्यसभा सांसद भूपेंद्र यादव ने 25 लाख रुपए दिए हैं।
शुरू हुई गांवों की कुंडली बनना
हाइटेक लेब में नियमित अध्ययन-अध्यापन के अलावा उत्कृष्ट शोध कार्य शुरू किया गया है। फिहलाल अजमेर जिले के गांवों के बांध, तालाब और जलाशयों, भौगोलिक स्थिति, अरावली पर्वत श्रंखला, वन सम्पदा पर शोध शुरू किया गया है। जीआईएस तकनीक से गांवों के नक्शे, पहाड़, मैदान, जैव विविधता की जानकारी जुटाकर नक्शे बनाए जाएंगे। इन्हें संबंधित ग्राम पंचायतों के अलावा कॉलेज और जिला प्रशासन को भी मुहैया कराया जाएगा।
होंगे प्रदेश स्तरीय शोध
लेब में जीआईएस, कम्प्यूटर, इंटरनेट जैसी सुविधाएं विकसित करने का काम जारी है। यहां जल्द विस्तृत शोध हो सकेगा। भविष्य में राष्ट्रीय स्तरीय संस्थानों से बड़े प्रोजेक्ट लाए जाएंगे। यहां राजस्थान के अलावा देश की भौगोलिक स्थिति का आकलन एवं शोध किया जा सकेगा। मालूम हो कि कॉलेज के कई विभागों में स्मार्ट क्लास, ई-लर्निंग सॉफ्टवेयर से पढ़ाई और अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं।
फैक्ट फाइल
लेब निर्माण की लागत-25 लाख रुपए
उपयोगिता-शहरी और ग्रामीण इलाकों में भौगोलिक शोध कार्य
तकनीक-जीआईएस, कंप्यूटर-इंटरनेट और अन्य संसाधन
योजना-प्रदेश और राष्ट्रीय शोध की सुविधाएं विकसित करना
Published on:
09 Mar 2020 02:02 pm
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