
सोमवार सुबह पुलिस अधीक्षक अजमेर से जानमाल की सुरक्षा की गुहार लगाने आए प्रेमी युगल।
अजमेर. करीब एक साल पहले परिजन ने सजातीय युवक से सगाई रचा दी, लेकिन कुछ समय बाद शादी से इनकार कर दिया, लेकिन एक-दूसरे को देखने के बाद युवक-युवती दिल लगा बैठे। युवती ने परिवार की रजामंदी के बिना अजमेर में मंगेतर से प्रेम विवाह रचा लिया। पीहर पक्ष की ओर से मामला दर्ज करवाए जाने के बाद नवविवाहित दम्पती पुलिस अधीक्षक के समक्ष पहुंचे।
नवविवाहिता ने पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र कुमार विश्नोई से पीहर पक्ष व झालावाड़ पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई है।झालावाड़ दहीखेड़ा निवासी शिवानी यादव ने बताया कि परिजन ने करीब एक साल पहले उसकी अजमेर श्रीनगर निवासी अर्जुन यादव से सगाई की। इसके बाद दोनों में बातचीत शुरू हो गई। बातचीत में प्रेम बढ़ता चला गया, लेकिन अचानक परिजन ने शादी से इनकार कर सगाई तोड़ दी। उसने परिजन को दिल की बात बताई, लेकिन परिजन को रिश्ता पसंद नहीं आया। उसने अर्जुन से विवाह करने का निर्णय किया। वह बिना कोई समान और नकदी जेवर लिए अजमेर आ गई। उसने 10 मई को अर्जुन से रामगंज में वैदिक रीति-रिवाज से विवाह कर लिया। वह उसके साथ रह रही है।
शिवानी ने बताया कि उसने 19 मई को माता-पिता से बात कर सबकुछ बता दिया, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने झालावाड के पुलिस थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज करा दी। उसे अंदेशा है कि झालावाड़ पुलिस उसे, उसके पति अर्जुन व ससुराल पक्ष के लोगों को गिरफ्तार कर सकती है। ऐसे में उसे व पति को पीहर पक्ष से जानमाल का खतरा है। उसकी शिकायत को इकबालिया बयान मानते हुए झालावाड़ में दर्ज गुमशुदगी निरस्त की जाए।
Published on:
21 May 2024 01:22 am
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