
bharat ka sabse accha garba kaha hota hai
अजमेर.
शारदीय नवरात्र में गुजरात की संस्कृति से मरुधरा सराबोर हो उठी है। मधुर संगीत पर पारम्परिक लोकगीत गूंजे तो लोगों के पैर खुद-ब-खुद थिरक उठे। समूचे शहर में गरबा-डांडिया की धूम शुरू हो गई है। जगह-जगह लोग हाथों में डांडिया लिए गरबा खेलते नजर आ रहे हैं।
आदर्श नगर, बिहारी गंज, माकड़वाली रोड स्थित भक्तिधाम, तोपदड़ा, फायसागर रोड, शास्त्री नगर, नगरा, चित्रकूट, धौलाभाटा, प्रकाश रोड, अजमेर क्लब, वैशाली नगर, पंचशील, कोटड़ा, महाराणा प्रताप नगर, मदार, गुलाबबाड़ी सहित नगर निगम परिसर में गरबा-डांडिया हो रहा है।
गुजराती और राजस्थानी परिधानों में सजे-धजे युवक-युवतियां, महिलाएं-पुरुष और बच्चे गरबा करने पहुंच गए। ढलती शाम के साथ म्हारो सोना रो घुड़लो..., पंखीड़ा रे पंखीड़ा उड़ ना जाना...., सोनल गरबो धीरे...., म्हारी अम्बे मैया नै...., म्है तो गरबा रमवा....जैसे मधुर गीत फिजा में गूंज रहे हैं।
गुजरात से बुलाए गए संगीतकारों और गायक-गायिका अपनी सुरीली आवाज से समां बांधने में कसर नहीं छोड़ रहे। सतरंगी लाइटों से शहर में नवरात्र के दौरान ही दिवाली सा एहसास होने लगा है।
पुलिस मुस्तैद
एसपी राजेश सिंह के निर्देश पर शहर में रात्रि 10 बजे तक ही गरबा-डांडिया का आयोजन जारी है। प्रमुख स्थानों, कॉलोनियों, गलियों-मोहल्लों में पुलिस की मौजूदगी बनी हुई है। समय सीमा खत्म होते ही पुलिसकर्मी डीजे-संगीत बंद करा रहे हैं। अलबत्ता नगर निगम परिसर और अन्य गरबा-डांडिया स्थलों पर वाहनों का जमघट लगा देखा जा सकता है। देर रात तक लोग गरबा-डांडिया खेलकर घर लौट रहे हैं।
Published on:
16 Oct 2018 07:20 am
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