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Hail storm: सरकार जमा कराती प्रीमियम तो मिलता किसानों को फायदा

सरकार ने किसानों का संपूर्ण कर्ज माफ करने की घोषणा खी थी। डेढ़ साल बाद भी वायदा पूरा नहीं हुआ है।
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farmer crop

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अजमेर. विधायक अनिता भदेल ने कहा कि राज्य में बरसात और ओलावृष्टि से किसानों की फसलें खराब हो गई हैं। सरकार ने 2115 करोड़ रुपए का प्रीमियम जमा नहीं कराया है। इससे किसानों को त्वरित राहत नहीं मिल पाई है।

भदेल ने कहा कि राज्य में बरसात और ओलावृष्टि से किसानों को नुकसान हुआ है। बारिश ने किसानों की फसलें खराब कर दी है। किसान रबी और खरीफ की फसलों का बीमा कराता है। कांग्रेस सरकार ने किसानों का संपूर्ण कर्ज माफ करने की घोषणा खी थी। डेढ़ साल बाद भी वायदा पूरा नहीं हुआ है।

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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 1 प्रतिशत प्रीमिय किसानों को देना है। 50-50 प्रतिशत राशि केंद्र और राज्य सरकार को वहन करनी है। केंद्र अपने हिस्से की राशि जमा करा चुका है। सरकार ने रबी और खरीफ पेटे की 2115 करोड़ रुपए की प्रीमियम राशि जमा नहीं कराई है।

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जानना चाहतें हैं पक्षियों का व्यवहार तो समझें यह तकनीक

रक्तिम तिवारी/अजमेर. खास ध्वनि तरंगों से पक्षियों के गुण और व्यवहार का अध्ययन किया जा सकता है। किसी प्राकृतिक आपदा, प्रदूषण अथवा वातावरण में आए बदलाव को पक्षी महसूस करते हैं। यह विचार महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में पक्षी व्यवहार अध्ययन सम्मेलन में सामने आए।

पूर्व कुलपति प्रो. के. के. शर्मा ने कहा कि सोनोटेक्सोनॉमी और एकोस्टिको इन्फॉरमेटिक्स तकनीक से विज्ञान में क्रांतिकारी बदलाव आए हैं। ध्वनि तरंगों से पक्षी और जीव-जंतुओं के बारे में विस्तृत अध्ययन संभव है। इस तकनीकी ने कई वैज्ञानिक नवाचार किए हैं। प्रो. अनिल छांगाणी ने थार मरुस्थल में गिद्धों की आबादी के बारेमें बताया। उन्होंने गिद्ध प्रकृति मित्र हैं, इनका संरक्षण होना चाहिए।

प्रो. प्रवीण माथुर ने सांभर त्रासदी, डॉ. के. सी. सोनी ने चूरू के निकटवर्ती इलाके में गिद्ध की प्रजातियों और व्यवहारिक की जानकारी दी।समापन समारोह में जूलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. एस. वेंकटराघवन ने कहा कि जैव विविधता और भौगोलिक संतुलन के लिए जीव-जंतुओं का संरक्षण जरूरी है। पशु-पक्षियों को मानवीय हलचल से होने वाला नुकसान पृथ्वी के लिए भी खतरे का संकेत है।

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