
अजमेर . चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से मेरा गांव स्वस्थ गांव अभियान में गांवों में नशा मुक्त जीवन जीने के लिए प्रेरित किया जाएगा। पहले चरण में सर्वे के दौरान धूम्रपान, तम्बाकू एवं गुटका का सेवन करने वाले व्यक्तियों को चिह्नित किया जाएगा। विभाग की ओर से बनाए गांवों के नक्शे (मानचित्र) में बनाए घरों पर अलग-अलग रंग की 'बिन्दीÓ लगाई जाएगी। बाद में नशा मुक्त करके संबंधित बिन्दी को नक्शे से हटाया जाएगा।
अजमेर जिले में मेरा गांव स्वस्थ गांव अभियान के तहत इसकी शुरुआत कर दी गई है। मई एवं जून माह में राजस्व लोक अदालत शिविरों के साथ-साथ चिकित्सा विभाग गांव स्तर पर तम्बाकू का सेवन करने वाले लोगों को नशा मुक्त जीवन देने का प्रयास करेगा। वहीं प्रयास रहेगा कि विभिन्न रंगों से मानचित्र पर अंकित घरों को धूम्रपान मुक्त किया जाएगा। इन विभिन्न रंगों की बिन्दियों से धूम्रपान की पहचान की जाएगी।
काले रंग की बिन्दी : जिस घर में बीड़ी, सिगरेट या हुक्का पीने वाले व्यक्ति हैं, मानचित्र में बने उस घर पर काले रंग की बिन्दी अंकित की जाएगी।
बैंगनी रंग की बिन्दी : जिस घर में तम्बाकू, गुटखा, खैनी, जर्दा आदि खाया जाता है उस घर पर मानचित्र में बैंगनी रंग की बिन्दी लगाई जाएगी।
सलेटी रंग की बिन्दी : जिस घर में सुपारी मीठा पान या सादा पान मसाला खाया जाता है, उस घर को मानचित्र में सलेटी रंग अंकित किया जाएगा।
घर-घर सर्वे के बाद शिविर
पत्रकारों से बातचीत में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. के.के. सोनी ने बताया कि शिविर से एक दिन पूर्व गांव में घर-घर सर्वे के दौरान मौसमी मीमारियों व अन्य बीमारियों का सर्वे किया जा रहा है। इसमें बुखार, बुखार के साथ जोड़ों का दर्द, बुखार के साथ दाने, सर्दी-जुखाम के रोगी, उल्टी-दस्त, पीलिया रोगी की पहचान, लू-तापघात, वैक्टरजनित रोग आदि की पहचान की जा रही है।
वहीं कूलर, परिण्डे, सार्वजनिक टंकियों आदि से पानी खाली कर ड्राई डे मनाया जा रहा है। शिविर में चिकित्सा अधिकारी, आयुष चिकित्सक, जीएनएम, लैब टेक्निशियन, एसटीएस, एएनएम, आशा सहयोगिनी, सीएचसी व पीएचसी प्रभारी सेवा दे रहे हैं। उनके साथ अति. सीएमएचओ डॉ. सम्पत जोधा, एनएचएम के जिला प्रबंधक संतोष सिंह आदि मौजूद रहे।
शिविर में इन पर भी प्राथमिकता
-बुखार के रोगियों की रक्त पट्टिका बनाई जा रही है।
-शुगर की जांच की जा रही है।
-बीपी की जांच की जा रही है।
-टीबी रोगियों के बैंक खाता व आधार संख्या ली जानी है।
-एसटीएस की ओर से स्वास्थ्य शिक्षा।
Published on:
03 May 2018 02:30 pm
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