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एक साल पहले इंदौर के बिजनेसमेन का किया था किडनेप, अजमेर में यूं पकड़ा गया गिरोह

अलवर गेट थाना पुलिस ने पूर्व में भी शाकिर मेव के फिरौती की रकम के साथ गिरफ्तार किया था।

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police arrest gang

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इंदौर के व्यापारी को अलवर में बुलाकर अगवा करने व दस लाख की फिरौती वसूलने के एक साल पुराने मामले में अलवर गेट व अलवर जिले की कोतवाली थाना पुलिस की बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मदार जेपी नगर क्षेत्र से एक महिला को गिरफ्तार किया है। अपहरर्ताओं ने उक्त महिला के बैंक खाते में फिरौती की रकम डाली थी। महिला के संबंध कुख्यात मेव शाकिर गिरोह से है। उसको अलवर गेट थाना पुलिस ने पूर्व में भी शाकिर मेव के फिरौती की रकम के साथ गिरफ्तार किया था।

अलवर गेट थानाप्रभारी हरिपाल सिंह ने बताया कि अलवर जिले के कोतवाली थाना पुलिस ने अप्रेल 2017 में इन्दौर के व्यापारी अपहरण व दस लाख रुपए की फिरौती के मामले में गतदिनों मुकदमा दर्ज किया। कोतवाली थाना पुलिस व्यापारी से मिले बैंक खाते के आधार पर तलाशते हुए तीन दिन पहले अजमेर पहुंची अलवर पुलिस को बैंक से मिले पते नाका मदार जेपीनगर में मकान पर ताला जड़ा मिला।

काफी जद्दोजहद के बाद अलवर पुलिस ने स्थानीय पुलिस की मदद ली। अलवर गेट थाने की टीम ने नाका मदार जेपी नगर निवासी सरजू देवी के मकान को निगरानी में ले लिया। मंगलवार रात को साढ़े १२ बजे सरजू देवी अपने घर लौटी और बुधवार को फिर रवाना हो गई। घर से निकलते ही पुलिस ने उसे दबोच लिया। पुलिस की प्रारंभिक पड़ताल में सरजू देवी ने शाकिर मेव गिरोह से जुड़ाव की बात कबूल ली। वहीं अलवर गेट थाने में सरजूदेवी के खिलाफ पूर्व में भरतपूर के एक व्यापारिक के अपहरण और २० लाख रुपए की फिरोती के मामले में गिरफ्तारी दर्ज थी। अलवर गेट थाना पुलिस ने सरजू देवी को अलवर पुलिस के हवाले कर दिया।

यह है मामला
इन्दौर के व्यापारी 2017 में अपनी फैक्ट्री विनायक एल्युमिनियम को बेचने के लिए इंडिया कार्ट पॉर्टल पर डाला। पोर्टल पर जानकारी देखने शाकिर मेव गिरोह ने व्यापारी से सम्पर्क साधा और फैक्ट्री खरीदने में दिलचस्पी दिखाई। उनके बुलावे पर व्यापारी 7 अप्रेल 2017 को अलवर पहुंचा। शाकिर मेव और उसके साथियों ने व्यापारी को अलवर बस स्टैंड से कार में बैठा लिया। उसे गुप्त स्थान पर ले जाकर फिरौती की डिमांड की। शाकिर ने व्यापारी के पार्टनर से 20 लाख की फिरौती की मांग की। व्यापारी ने शाकिर के बताए अनुसार 10 दख रुपए अजमेर निवासी सरजूदेवी के नाका मदार स्थित बैंक में जमा करवा दिए जबकि शेष दस लाख रुपए जेपी नगर निवासी राजेन्द्र कुमार सेन के यूको बैंक खाते में डालने के लिए कहा।

लेकिन तकनीकी कारणों से दस लाख रुपए नहीं डाले जा सके। आखिर अपहरर्ताओं ने व्यापारी को १३ अप्रेल को हरियाणा के फिरोजपुर क्षेत्र में छोड़ दिया। अपहरर्ताओं के चंगुल से छूटे व्यापारी ने इन्दौर पहुंचकर पुलिस को शिकायत दे दी। पुलिस ने जीरो नम्बरी एफआईआर दर्ज कर अलवर पुलिस को भिजवा दी। अलवर को कोतवाली थाना पुलिस ने गतदिनों अपहरण और फिरौती का मामला दर्जकर अनुसंधान शुरू किया।

पुलिस पड़ताल में फिरौती की रकम नाका मदार में बैंक खाते में ट्रांसफर होने सामने आया।पहले फिरौती की रकम के साथ गिरफ्तारएसएचओ सिंह ने बताया कि सरजूदेवी को पांच मई 2017 को भी 25 हजार के ईनामी बदमाश शाकिर मेव के साथ 20 लाख रुपए की फिरौती की रकम के साथ पकड़ा था। आरोपितों ने चन्नई के व्यापारी को जयपुर एयरपोर्ट से अगवाकर 20 लाख रुपए की फिरौती मांगी थी।

तब भरतपुर पुलिस की सूचना पर अलवर गेट पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सरजूदेवी व शाकिर को फिरौती के दस लाख रुपए की नकदी के साथ दबोचा था।कार्रवाई में अलवर गेट थानाप्रभारी हरिपाल सिंह के नेतृत्व में जेपी नगर चौकीप्रभारी पुष्पलता, सिपाही सियाराम, श्याम सिंह, अलवर जिले के एएसआई राजेन्द्र प्रसाद, सिपाही शशिकांत, महिला कांस्टेबल मुकनदेवी शामिल थी।