23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जब उपराष्ट्रपति ने पूछा, अनिल नहीं आया क्या…तो सकते में आ गए अधिकारी, जानें कौन है अनिल

उपराष्ट्रपति Jagdeep Dhankhar ने हेलीपैड पर उतरते ही अनिल अग्रवाल के बारे में पूछा तो मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारी हक्के-बक्के रह गए।

2 min read
Google source verification
Jagdeep Dhankhar in Rajasthan When the Vice President asked, didn't An

महावीर भट्ट/पुष्कर। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने रविवार को हेलीपैड पर उतरते ही अनिल अग्रवाल के बारे में पूछा तो मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारी हक्के-बक्के रह गए। उपराष्ट्रपति ने दो बार पूछा कि अनिल नहीं आया क्या, लेकिन अधिकारियों के पास कोई जवाब नहीं था। बाद में जानकारी की तो पता चला कि अजमेर के मदार गेट के व्यवसायी अनिल अग्रवाल उनके पुराने मित्र हैं। हेलीपैड पर प्रथम 10 स्वागतकर्ताओं की सूची में उनका नाम भी था। शनिवार शाम ही उनके नाम का पास भी बना दिया गया, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर उन्हें सूचना नहीं दी गई। बाद में सूचना मिलने पर अग्रवाल ने लौटते समय हेलीपैड पर उपराष्ट्रपति से मुलाकात की। इसके बाद प्रशासन को राहत मिली।

जानकारी के अनुसार उपराष्ट्रपति की यात्रा के दौरान हेलीपैड पर स्वागत करने वालों की सूची में प्रथम 10 व्यक्तियों के नामों में मदार गेट पर ड्राईफ्रूट का व्यवसाय करने वाले अनिल अग्रवाल का नाम शामिल था। उनका वीवीआईपी पास भी बना दिया गया, लेकिन उन्हें पुष्कर आने की सूचना नहीं दी गई। इस पर वे हेलीपैड नहीं पहुंच सके। हेलीकॉप्टर से उतरते ही उपराष्ट्रपति ने मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों से पूछा कि अनिल अग्रवाल नहीं आया क्या।

यह भी पढ़ें : उपराष्ट्रपति ने नागौर में कहा ‘अन्नदाताओं की वजह से दुनियाभर में बज रहा भारत की अर्थव्यवस्था का डंका’

इस पर वे जवाब नहीं दे पाए। दो बार इस बारे में पूछे जाने के बाद धनखड़ ने वहां मौजूद कृषि मंत्री लालचंद कटारिया व अधिकारियों से चर्चा की और ब्रह्मा मंदिर दर्शन के लिए निकल गए। इधर प्रशासन ने जानकारी ली तो पता चला कि अनिल अग्रवाल का वीआईपी पास तो बन गया है, लेकिन उन्हें सूचना नहीं मिली। प्रशासन के एक अधिकारी ने फोन कर अनिल अग्रवाल को हेलीपैड पहुंचने का निमंत्रण दिया। अग्रवाल हेलीपेड पहुंचे तो सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें बाहर ही रोक दिया।

यह भी पढ़ें : उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ पहुंचे पुष्कर किए ब्रह्मा मंदिर के दर्शन देखें तस्वीरें..

मौके पर मौजूद रूपनगढ़ के उपखंड अधिकारी सुखराम पिंडेल ने पूछताछ की तो अग्रवाल ने अपना परिचय दिया। इस पर पिंडेल उन्हें हेलीपैड ले गए और उनके नाम से पूर्व में बना वीआईपी पास दिया। इसके बाद लौटते समय उपराष्ट्रपति धनखड़ की उनसे मुलाकात हो सकी। इसके बाद उपराष्ट्रपति नागौर के लिए निकल गए। अग्रवाल ने हेलीपैड पर पत्रिका को बताया कि उपराष्ट्रपति धनखड़ उनके पुराने मित्र हैं। जिला प्रशासन की ओर से उन्हें पुष्कर यात्रा की कोई सूचना नहीं दी गई। प्रशासन के एक अधिकारी की सूचना पर वे हेलीपैड पहुंचे और उपराष्ट्रपति से मुलाकात हो सकी।