..... तो इसलिए आज शाम पांच बजे आप भीं घंटी, ताली और थाली बजाना ना भूलें ...जरूर बजाएं

जनता कफ्र्यू : अपने घर में ताली , थाली और शंखनाद कर वातावरण को शुद्ध कर देश के रखवालों का शुक्रिया अदा करें।

By: Preeti

Updated: 22 Mar 2020, 02:10 PM IST

अजमेर . कोरोना वायरस से आमजन को बचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के आव्हान पर किया गया जनता कफ्र्यू शहर में पूरी तरह सफल दिखाई दे रहा है। पूरा शहर सुनसान नजर आ रहा है। गली मोहल्लों में भी सन्नाटा पसरा हुआ है।

साथ ही पीएम मोदी ने देशवासियों से खास आग्रह किया है कि वे 22 मार्च को शाम 5 बजे अपने खिड़की-दरवाजों पर खड़े होकर डॉक्टरों, पुलिस वालों, मीडिया कर्मियों, सफाई कर्मियों, होम डिलीवरी करने वालों का 5 मिनट तक आभार व्यक्त करेंगे। सुबह से जनता के कफ्र्यू को जिस तरह जनता समर्थन कर रही है वैसे ही आज शाम पांंच बजे भी अगर हम मोदी जी की ये बात भी मान लेंगे तो कोरोना जैसी महामारी विजय पाना मुमकिन है।

घंटी बजाने के पीछे का वैज्ञानिक कारण
मंदिर घर का हो या किसी धार्मिक स्थल का । वहां घंटी तो होती ही है। इसके पीछे एक धार्मिक कारण तो होता ही है। साथ ही एक वैज्ञानिक कारण भी होता है जिसका हम सभी के जीवन पर भी गहरा असर होता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि मंदिर मेंं जब घंटी बजाई जाती है तो वातावरण में कंपन पैदा होता है। जो वायुमंडल के कारण काफी दूर तक जाता है। वातावरण में होने वाले इस कंपन का फायदा यह है कि इसके क्षेत्र में आने वाले सभी जीवाणु ,विषाणुं और सूक्ष्म जीव आदि नष्ट हो जाते हैं, जिससे आसपास का वातावरण शुद्ध हो जाता है। तो आइये हम सभी ये वचन लें कि आज शाम पांच बजे हम भी अपने घर में ताली , थाली और शंखनाद कर वातावरण को शुद्ध कर देश के रखवालों का शुक्रिया अदा करें।

ताली बजाने का ये है फायदा
ताली बजाने से हमारे शरीर में ऑक्सीजन का फ्लो सही तरीके से होता है जिससे हमारे फेफ ड़ों में ऑक्सीजन सही तरीके से पहुंचती है ओर हम स्वस्थ रहते हैं।

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