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मंत्री नकवी से बोले खादिम…कानून से ऊपर नहीं दरगाह दीवान, नहीं करने देंगे ये काम

दरगाह एक्ट में दीवान को लेकर नियम बने हुए है। इसके अनुसार वे दरगाह में होने वाली रसूमात में शामिल होते हैं।

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khadims meet minister naqvi

khadims meet minister naqvi

केंद्र सरकार ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की शिक्षाओं का प्रसार पूरे देश में करेगी। इसकी योजना जल्द बनाई जाएगी। यह बात यह बात केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामलात मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने अंजुमन पदाधिकारियों व दरगाह नाजिम के साथ बैठक में कही।

मंत्री नकवी ने कहा कि केन्द्र सरकार चाहती है कि ख्वाजा साहब की शिक्षाओं को पूरे देश में आम किया जाए। इसके लिए शीघ्र योजना बनाई जाएगी। दरगाह में आने वाले जायरीन को सुविधाएं मिलें इसके लिए सबको गंभीरता से सोचना चाहिए।

दरगाह परिसर में बनी दुकानों को अन्यत्र स्थानान्तरित किया जाना चाहिए। दरगाह में हजारों जायरीन आते हैं। उनके लिए सुविधाएं जुटाने के लिए अंजुमन और दरगाह कमेटी में परस्पर तालमेल जरूरी है। दरगाह कमेटी और खादिमों के आपसी सहयोग के बिना कोई भी कार्य पूरा नहीं हो सकता है। दोनों पक्षों को सकारात्मक रुख अपनाते हुए कामकाज करना चाहिए। इस पर अंजुमन के पदाधिकारियों ने कहा कि दरगाह में खादिमों ने कोई अतिक्रमण नहीं किया है। दरगाह कमेटी ने उन्हें परिसर में दुकानें आवंटित की हैं।

प्रतिमाह इनका किराया वसूला जाता है। जब तक दरगाह कमेटी कोई ठोस निर्णय नहीं लेती तब तक कोई कार्रवाई संभव नहीं है। दरगाह कमेटी के गठन को लेकर भी अंजुमन पदाधिकारियों ने चर्चा की। उन्होंने कमेटी में दोनों अंजुमनों के एक-एक पदाधिकारियों को शामिल करने की बात कही। इस पर नकवी ने कहा कि दोनों अंजुमन के किसी व्यक्ति का नाम सुझाने पर विचार किया जाएगा।

इस दौरान अंजुमन सैयद जादगान के अध्यक्ष मोइन हुसैन, सचिव वाहिद हुसैन अंगारा शाह, उपाध्यक्ष इकबाल एडवोकेट, अंजुमन यादगार चिश्तिया शेखजादगान के अध्यक्ष अब्दुल जर्रार चिश्ती, सचिव डॉ अब्दुल माजिद चिश्ती, हाजी वसीमुद्दीन चिश्ती, शफीकुर्रहमान चिश्ती और दरगाह नाजिम आई बी पीरजादा और अन्य मौजूद रहे।

नियमों की पालना जरूरी

अंजुमन के पदाधिकारियों ने बताया कि इस बार उर्स के दौरान दरगाह दीवान ने अपने पुत्र को उत्तराधिकारी घोषित कर दिया था। वे प्रत्येक गुरुवार को होने वाली महफिल में पुत्र को भेजने की चेष्टा करते रहे हैं। इसको लेकर भी दरगाह कमेटी के नाजिम खामोशी अख्तियार किए हुए हैं। दरगाह एक्ट में दीवान को लेकर नियम बने हुए है। इसके अनुसार ही वे दरगाह में होने वाली रसूमात में शामिल होते हैं। इन नियमों की पालना आवश्यक है। दीवान कानून से ऊपर नहीं हैं। अंजुमन पदाधिकारियों ने नकवी से दरगाह नाजिम को कानून सम्मत कार्रवाई करने की बात भी कही।

ली विकास कार्यों की जानकारी

नकवी ने सोलहखंभा शौचालय के मामले में भी जानकारी ली। नाजिम पीरजादा ने बताया कि कमेटी के टेंडर जारी करने के बावजूद ठेकेदार नहीं पहुंचा। है। इस पर अंजुमन यादगार के पदाधिकारियों ने कहा कि यह भूमि अंजुमन को दी जाए तो यहां शौचालयों का निर्माण कराया जा सकता है। इसके अलावा नकवी ने दरगाह में अन्य विकास कार्यों की चर्चा भी की।