
अजमेर. खुशनुमा मौसम के बीच शहरवासियों ने रविवार को हास्य की फुहारों में गोते लगाए। कवियों-लेखकों ने अपनी रचनओं से लोगों को गुदगुदाया। आनंदम संस्था तत्वावधान में आयोजित नवें जस्ट हास्यम कार्यक्रम में यह माहौल नजर आया।
भीलवाड़ा के कवि दीपक पारिख ने अपने भविष्य के अक्षर अपने हाथों काले मत करो.., हे भगवान यह कैसा है अभिशाप..कविता सुनाई। आगरा के पवन आगरी ने व्यंग्य के माध्यम से श्राताओं को गुदगुदाया। नेताजी ने भाषण दिया चुनाव जीतकर…, सजन रे झूठ मत बोलो खुदा के पास जाना…सुनाकर दाद पाई। राजसमन्द के लाफ्टर फेम सुनील व्यास ने तोतले आदमी की विसंगति में से हास्य और मातम में मस्ती के माहौल को व्यंग्यात्मक ढंग से पेश किया। रास बिहारी गौड़ ने ओरिजिनल चौकीदार दुखी था.., नेताजी ने नाम चुराया…., चौकीदार अपनी नजरों में…कविता सुनाकर दाद पाई।
दिल्ली के कवि प्रवीण शुक्ल ने हास्य के विविध आयामों को छुआ। उन्होंने कवि के लडक़ी को प्रपोज करने पर व्यंग्यात्मक कविता प्रस्तुत की। इस दौरान रमेश ब्रह्मवर, हेमन्त शारदा, निरंजन महावर, अनिल जैन भैंसा, दौलत राज कोठारी, संजय जैन, योगेश अग्रवाल, संजय सोनी, अतुल विजय वर्गीय, नवीन सोगानी, सोमरत्न आर्य, ललित जैन, बाबुलाल अग्रवाल,सीताराम गोयल, प्रीति तोषनीवाल, रेखा गोयल, डॉ रजनी भार्गव, डॉ सुभाष माहेश्वरी, शिव शंकर फतेहपुरिया और अन्य मौजूद थे।