
7th Lake festival : ओडिशी नृत्यांगनाओं ने बांधा समां
पुष्कर. पुराने रंगनाथ मंदिर परिसर में बुधवार रात सातवें लेक फेस्टिवल आयोजन में स्थानीय बालिका नृत्यांगनाओं के ओडिशी नृत्य पर दर्शक झूम उठे। गुरुपद्मा चरण देहुरी के निर्देशन में नृत्यांगनाओं ने भगवान कृष्ण की लीलाओं के साथ साथ माता भगवती के अवतारों का नृत्य के माध्यम से चित्रण पेश कर मंत्रमुग्ध कर दिया। ओम नम: शिवाय पर गुरु पद्मा चरण देहुरी के साथ अक्षिता भट्ट, तेजस्विनी गौतम, भूमिका, मीनाक्षी ने नृत्य की प्रस्तुति दी।
इसके बाद राग बसन्ती पर ताइवान से आई विदेशी नृत्यांगना मयू हुवांग ने पल्लवी नृत्य किया। स्थानीय कलाकारों में अक्षिता भट्ट ने लगातार 18 मिनट तक भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं पर आधारित कृष्णलीला नृत्य की प्रस्तुति दी। तजस्विनी गौतम ने मां दुर्गा पर शानदार नृत्य पेश किया। इसमें बार राधा कृष्ण के लीलाओं पर आधारित प्रस्तुतियां दी गई। आयोजन में नृत्यांगना टीना, भावी, खुशी ने भी प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का मन मोह लिया।
एस्टोनिया के चक्रम समूह के राजस्थानी गीतों ने समां बांधा
ला-बेला होली महोत्सव
पुष्कर. वराह घाट चौेक में मनाए जा रहे ला-बेला होली महोत्सव में बुधवार रात एस्टोनिया के चक्रम समूह के विदेशी गायकों ने समां बांध दिया। करीब दो घंटे तक दर्शक झूमते रहे। चक्रम समूह के सर्वे सर्वा पर्यटक किल बाबा के साथ साथ पर्यटक हाइना, अदिति, आठ वर्षीय मारा नामक गायिका ने एक के बाद शानदार फ्यूजय्न प्रस्तुतियां दी। शोले फिल्म का ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे के गाना पेश करने के लिए साथ ही आयोजन स्थल तालियों की गडग़ड़ाहट से गूंज उठा। इसके बाद महामृत्युन्जय मंत्र, गायत्री मंत्र की शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों का मन मोह लिया। इसके बाद बाबा रामदेव का म्हारो हेलो सुणो जी रामा पीर का भजन गाया गया। किल बाबा ने काल्यो कू द पड़्यों मेळा गीत भी प्रस्तुत किया।
Published on:
05 Mar 2020 03:15 pm
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