पुष्कर. इंटरनेशनल होली फेस्टिवल के दूसरे दिन रविवार शाम सरोवर के वराह घाट पर प्रशासन की ओर से महाआरती की गई। संगीत एवं गायन के बीच महाआरती में जिला कलक्टर अंशदीप, एसपी चूनाराम जाट, एसडीओ निखिल कुमार सहित जिले के प्रशासनिक अधिकारियों एवं श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। जगतपिता ब्रह्मा के पवित्र सतयुगी तीर्थ को हाथ जोड़कर नमन किया एवं पुष्पांजलि अर्पित की। वराह घाट पर स्थित प्राचीन रघुनाथ मंदिर के पुजारी रवि शर्मा ने महाआरती की।
जलती छड़़ लेकर नाचे ऊंट, कैमल पोलो का रोमांच
पुष्कर. इंटरनेशनल होली फेस्टिवल आयोजन के तहत रविवार को आयोजित ऊंटों की प्रतियोगिता से पुष्कर के सूने पड़े धोरे जीवंत हो उठे। ढोला-मारू के प्रेम-प्रंसग के बीच जिला प्रशासन व ग्रामीणों के बीच धोेरों में खेला गया कैमल पोलो खास आयोजन रहा। वहीं अलगोजे व ढोल की थाप पर हुए कालबेलिया नृत्य ने मन मोह लिया।
ऊंटगाडि़यों की रैली निकाली
होली फेस्टिवल के तहत रविवार की शाम पशुपालन विभाग के निर्देशन में ऊंटों की प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। करीब 32 ऊंटगाडि़यों की रैली निकाली गई। इसके साथ रंग-बिरंगी सजावट वाले ऊंटों, कालबेलिया ऩृत्य करते कलाकारों का प्रदर्शन किया गया।
ढोल की थाप पर नाचे ऊंट
धोरों में ढोल की थाप पर ऊंट नाच उठे। कोई पशुपालक अपने ट्रेंड ऊंटों को खाट पर नचा रहा था तो कोई आग के शोलों पर मुंह मेें छड़ लिए ऊंट नृत्य की प्रस्तुति दे रहा था। देखने वाले अचंभित होकर करतबों की दाद दे रहे थे। कार्यक्रम में आठ ऊंटों के नृत्य की प्रस्तुति दी गई। प्रभु सिंह का ऊंट प्रथम रहा। दूसरे स्थान पर सीकर का मांगीलाल, तथा तीसरे स्थान पर धमेन्द्र का ऊंट रहा।
ऊंट सज्जा प्रतियोगिता
दस पशुपालकों ने अपने ऊंटों को रंगबिरंगी राजस्थानी सजावट से सुसज्जित किया। निणार्यकों के सामने ऊंट श्रृंगार का प्रदर्शन किया गया। इसमें पुष्कर के सीकर के सेवदड़ा गांव निवासी विजेन्द्र प्रथम, चावण्डिया के अशोक पंवार का ऊंट द्वितीय तथा गनाहेड़ा के मोहन का तृतीय स्थान पर रहा। आयोजन के तहत ढोला-मारू की प्रेमकथा प्रस्तुति छाप नहीं छोड़ सकी। इसमें दिनेश-मोर्मा सपेरा की जोड़ी प्रथम प्रतीक-पायल द्वितीय तथा जवान-नाथ तीसरे स्थान पर रही।
‘टाई’ रहा कैमल पोलो मैच
धोरों में पहली बार ऊंट पोलो प्रतियोगिता आयजित की गई। प्रशासन की ओर से आईजी रूपिन्दर सिंघ, एसीपी चूनाराम जाट, जिला कलक्टर अंश दीप, पशुपालन विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. नवीन परिहार ने ग्रामीणों के साथ कैमल पोलो खेला। इस दौरान एक खिलाड़ी असंतुलित हो गया, जिसे समय रहते संभाल लिया गया। खेल के दौरान आईजी सिंघ का ऊंट बैठ गया। मैच गोल रहित रहने से टाई घोषित करना पड़ा। खेल से रोमांचित होकर आईजी, एसपी एवं कलक्टर ने अपने ऊंटों पर खड़े भी हुए।