
प्रतिमा खंडित करने के बाद सिरविहीन बापू की प्रतिमा, पत्थर जिसके वार से प्रतिमा खंडित की, प्रतिमा स्थल का गेट जिस पर ताला नहीं था तथा पुलिस गिरफ्त में आरोपी।
नसीराबाद (अजमेर). गांधी चौक पर लगभग 64 वर्ष पूर्व जनसहयोग से स्थापित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा को दीपावली की रात खंडित कर उसका सिर ले जाने के आरोप में सिटी थाना पुलिस ने मंगलवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गांधी चौक पर 13 मार्च 1956 को जनसहयोग से मकराना के संगमरमर पत्थर से निर्मित स्थापित की गई महात्मा गांधी की प्रतिमा को दो युवकों ने उसका सिर तोडक़र खंडित कर दिया और सिर लेकर भाग गए। इस बात की जानकारी रात्रि लगभग बारह बजे बाद क्षेत्रवासियों को हो गई जब वह लक्ष्मी पूजन कर अपने-अपने घर जा रहे थे। बापू की प्रतिमा खंडित होने की जानकारी सिटी थाना पुलिस को मिलते ही थानाधिकारी लक्ष्मणसिंह नाथावत मय जाब्ता मौके पर पहुंचे और मौका निरीक्षण किया। उन्होंने आस-पास प्रतिमा के सिर की तलाश की लेकिन सिर कहीं नहीं मिला।
सीसी टीवी फुटेज में आए नजर
उस समय तो उन्होंने प्रतिमा को कपड़े से ढक दिया। बाद में पुलिस ने आस-पास क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जिसमें दो युवक प्रतिमा का सिर ले जाते हुए नजर आए। जिस मार्ग से वह जा रहे थे उसके आगे का सीसीटीवी फुटेज भी खंगाला तो वहां आरोपियों के अन्य साथी भी खड़े दिखे। इस पर पुलिस ने छावनी परिषद के जमादार इंद्राज की रिपोर्ट पर सरकारी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सिटी थानाधिकारी ने फुटेज में नजर आए साथियों में से एक मिशन कम्पाउंड निवासी रवि कुमार को पूछताछ के लिए थाने बुलाया। जहां उसने पुलिस को बताया कि वह तो घासीवाले बालाजी मार्ग पर खड़ा था उसी दौरान आरोपी गांधी चौक क्षेत्र निवासी विजय उर्फ रिंकू चौधरी व मिशन कम्पाउण्ड निवासी यश रॉबी उर्फ बब्बू गांधी चौक से आ रहे थे। उनके हाथ में गांधी जी की प्रतिमा का टूटा हुआ सिर था। इसके बाद पुलिस ने सोमवार आरोपियों के घरों पर दबिश दी लेकिन आरोपी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े। पुलिस ने दो आरोपियों विजय उर्फ रिंकू व यश रॉबी उर्फ बब्बू को मंगलवार को धर-दबोचा। पुलिस उपअधीक्षक बृजमोहन असवाल ने बताया कि आरोपियों को बुधवार को न्यायालय के समक्ष पेश कर रिमाण्ड पर लिया जाएगा।
लाल डिग्गी में फेंका सिर
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर प्रतिमा का सिर बरामद कर लिया। आरोपी सिर को पैदल ही लेकर आगे गए जहां उन्होंने अपने दोस्त दूधिया मोहल्ला निवासी भारत की मोटरसाइकिल लेकर फ्रामजी चौक क्षेत्र स्थित लाल डिग्गी में सिर को फेंक दिया था। पुलिस ने छावनी परिषद के सफाई अधीक्षक आशीष शर्मा के कर्मचारियों के सहयोग से सिर को पानी में से निकाला और थाने ले आई।
नशे में दी वारदात अंजाम
आरोपी विजय उर्फ रिंकू चौधरी ने बताया कि दीपावली की रात उन्होंने अपने दोस्तों के साथ जमकर शराब का सेवन किया था। नशे की हालत में वह उसके साथी मिशन कम्पाउण्ड निवासी यश रॉबी उर्फ बब्बू को गांधी चौक ले गया और खुला दरवाजा पाकर एक पत्थर उठाया और गांधी जी की प्रतिमा पर वार कर दिया।
गेट पर नहीं था ताला
बापू की प्रतिमा खंडित होने में छावनी परिषद की भी अप्रत्यक्ष रूप से कथित लापरवाही सामने आई। बताया जाता है कि छावनी परिषद प्रशासन ने गत 2 अक्टूबर को गांधी जयंती मनाने के लिए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने लगे दरवाजे को खोला था। जयंती मनाने के बाद छावनी परिषद प्रशासन की ओर से दरवाजे पर ताला ही नहीं लगाया गया था और ताला इतने दिन खुला पड़ा था। ताला खुला होने का पूरा फायदा उठाते हुए युवकों ने अंदर घुसकर राष्ट्रपिता की प्रतिमा का सिर धड़ से अलग कर अपने साथ ले गए। अगर छावनी परिषद प्रशासन की ओर से महात्मा गांधी की जयंती के दिन ही वापस ताला लगा दिया जाता तो इस घटना से बचा जा सकता था।
आमजन में रोष
घटना से नगर के आम नागरिकों में भारी रोष व्याप्त था और सूचना मिलने पर लोग प्रतिमा के आस-पास एकत्रित होने लग गए। नगर में व्याप्त आक्रोश के मद्देनजर प्रशासन ने भी आनन-फानन में सीएलजी की बैठक बुलवा ली। जहां पूर्व विधायक रामनारायण गुर्जर ने आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने व खंडित प्रतिमा की जगह दूसरी प्रतिमा लगाने की बात कही। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पांच दिन में आरोपी नहीं पकड़े गए तो सभी नगर के गणमान्य नागरिक उनके साथ मौके पर धरना प्रदर्शन करेंगे और नसीराबाद को बंद कराएंगे। वहीं नगर कांग्रेस अध्यक्ष अजय गौड़ ने प्रतिमा खंडित करने की कृत्य की कड़ी निंदा की। प्रशासन ने भी शांतिसमिति की बैठक में दिए आश्वासन को पूरा करते हुए पांच दिन पूर्व ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
Published on:
30 Oct 2019 05:01 am
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