
mdsu exam
अजमेर. महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय की प्रथम वर्ष नॉन कॉलेजिएट विद्यार्थियों की परीक्षाएं कुछ देर में शुरू होंगी। अजमेर, टोंक, भीलवाड़ा और नागौर जिले के विभिन्न कॉलेज में यह परीक्षाएं होंगी। इसकी सभी तैयारियां पूरी हो गई हैं।
प्रथम वर्ष में करीब 45 हजार स्वयंपाठी विद्यार्थी पंजीकृत हैं। इनमें से नॉन कॉलेजिएट परीक्षाओं में करीब 10 हजार विद्यार्थी में बैठेंगे। परीक्षा केंद्रों का गठन, कॉपियां और पेपर पहुंचाने का काम हो चुका है। विश्वविद्यालय ने सम्बद्ध कॉलेज में निर्देश भी भिजवा दिए हैं। परीक्षाओं के दौरान सतर्कता रखने के निर्देश दिए गए हैं।
बीते साल 28 से शुरू हुई थी परीक्षा
पिछले साल कुलपति के कामकाज पर लगी रोक के कारण सेमेस्टर और सालाना परीक्षाएं प्रभावित हुई थी। इसके चलते 28 फरवरी से नॉन कॉलेजिएट प्रथम वर्ष की परीक्षाएं शुरू हो पाई थीं।
साइबर अपराधों से बचाएगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
रक्तिम तिवारी/अजमेर.
ऑनलाइन ठगी और साइबर क्राइम मामले पुलिस और लोगों का सिरदर्द बढ़ा रहे हैं। हैकर्स कभी केवाईसी अपडेट तो कभी ऑनलाइन लिंक-एप के जरिए लोगों के खातों से रकम उड़ा रहे हैं। ऐसे मामलों से निबटने के लिए इंजीनियरिंग कॉलेज में जल्द स्पशेल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनने जा रहा है। यह साइबर केस मामलों को सुलझाने में पुलिस और लोगों की मदद करेगा।
ई-बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट- ट्रांजिक्शन को बढ़ावा देने के साथ देश में ऑनलाइन क्राइम भी बढ़ गया है। अजमेर भी इसमें पीछे नहीं है। यहां हर महीने ऑनलाइन ठगी के मामले सामने आ रहे हैं। इनमें ठगों द्वारा बड़ी रकम उड़ाने के मामले ही पुलिस में दर्ज हुए हैं। छोटी रकम के कई मामलों में रिपोर्ट भी दर्ज नहीं होती है। ज्यादातर मामलों में लोगों द्वारा ठगों को ओटीपी और अन्य जानकारियां देने, सुरक्षा फीचर्स का इस्तेमाल नहीं करना सामने आया है। लिहाजा इंजीनियरिंग कॉलेज बड़ल्या ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का फैसला किया है।
Updated on:
24 Feb 2020 08:29 am
Published on:
24 Feb 2020 08:28 am
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