
research in mdsu
अजमेर. शोध करने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय मई-जून में पीएचडी प्रवेश परीक्षा कराने की तैयारी में जुटा है। कुलपति की मंजूरी के बाद अधिकृत सूचना जारी होगी।
यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों को प्रतिवर्ष पीएचडी प्रवेश परीक्षा कराने को कहा है। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय ने भी वर्ष 2010, 2011, 2015 और 2016 में परीक्षा कराई। पहले कोर्स वर्क बनाने में देरी हुई। फिर कोर्स वर्क को लेकर कॉलेज और विश्वविद्याल में ठनी रही। पूर्व कुलपति प्रो. कैलाश सोडाणी के प्रयासों से पीएचडी के जटिल नियमों में बदलाव हुए। इसके बाद 2015 और 2016 और 2018 में परीक्षा कराई गई।
मई-जून में परीक्षा
लगातार दूसरे साल विश्वविद्यालय शोध प्रवेश परीक्षा नहीं करा पाया है। पीएचडी करने के इच्छुक अभ्यर्थियों को इसका इंतजार है। शोध विभाग 2018 के अभ्यर्थियों को गाइड आवंटन और कोर्स वर्क कराने में जुटा है। मई-जून में वह शोध प्रवेश परीक्षा करा सकता है।
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इस साल शोध प्रवेश परीक्षा कराई जाएगी। मई-जून में परीक्षा प्रस्तावित है। जल्द कार्यक्रम जारी होगा।
प्रो. आर. पी. सिंह, कुलपति मदस विश्वविद्यालय
कड़ी सुरक्षा में रहेंगे सीबीएसई के दसवीं और बारहवीं के पेपर
अजमेर. दसवीं और बारहवीं के पेपर सुरक्षा को लेकर सीबीएसई सतर्क हो गया है। हाईटेक तरीक अपनाने के अलावा प्रत्येक स्तर पर निगाह रखी जाएगी। यूं तो दसवीं और बारहवीं की परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं, लेकिन मुख्य विषयों के पेपर अगले सप्ताह से प्रारंभ होंगे। लिहाजा पेपर की सुरक्षा को लेकर बोर्ड गंभीर है। पेपरों को समय पर खोलने, वितरण करने की व्यवस्था को टेलीफोन, मोबाइल और कैमरे से जोड़ा गया है। सभी क्षेत्रीय केंद्रों में अधिकारियों और प्रभारियों को स्कूल प्राचार्य, केंद्राधीक्षकों से लगातार संपर्क में रहना होगा। वीडियोग्राफी और सीसीटीवी से रिकॉर्डिंग भी कराई जाएगी। बोर्ड के उडऩदस्ते पेपर खोलने और वितरण की आकस्मिक जांच करेंगे।
Published on:
22 Feb 2020 08:55 am
