22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Modified lock down: सरकारी दफ्तरों में पहुंचे अधिकारी, व्यस्त रहे चर्चा में

लिहाजा विभागाध्यक्षों- अधिकारियों ने जरूरी कार्यों पर ही जोर दिया है।

2 min read
Google source verification
govt office open

govt office open

अजमेर.

सरकारी दफ्तरों में कामकाज शुरू हो गया है। मॉडिफाइड लॉकडाउन के चलते फिलहाल अधिकारी ही दफ्तरों में पहुंचे हैं। अधिकारी आवश्यक कामकाज को लेकर चर्चा में जुटे हैं। फिलहाल कर्मचारियों को नहीं बुलाया गया है।

राज्य सरकार ने मॉडिफाइड लॉकडाउन के तहत सरकारी दफ्तरों को खोलने की अनुमति दी है। सोमवार से महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, राजस्थान लोक सेवा आयोग, सीबीएसई, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड और अन्य दफ्तर खुल गए। इनमें विभागाध्यक्ष, अधिकारी और निजी सहायकों को ही बुलाया गया। इनके लिए मास्क पहनना और सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करनी जरूरी की गई है।

Read More: ajmer दो गज जमीन के टुकड़े के खातिर ही सगे छोटे भाई को मौत के घाट उतार दिया

केवल आवश्यक पर कामकाज
दफ्तरों में सिर्फ आवश्यक कामकाज पर चर्चा की जा रही है। एक महीने बाद दफ्तर खुले हैं, लेकिन लॉकडाउन के चलते नियमित कामकाज नहीं हो सकते हैं। लिहाजा विभागाध्यक्षों- अधिकारियों ने जरूरी कार्यों पर ही जोर दिया है।


कुलपति प्रो. आर. पी. सिंह ने बताया कि परीक्षा नियंत्रक, सभी उप कुलसचिव, सहायक कुलसचिव और इनके निजी सहायक के विभागों को सेनेटाइज्ड कराया गया है। अन्य स्टाफ को जरूरत के अनुसार विश्वविद्यालय में बुलाया जाएगा। राजस्थान लोक सेवा आयोग में भी भी उप सचिव, सहायक सचिव और अन्य अधिकारी ही पहुंचे। सीबीएसई में भी सेक्शन अधिकारी ही आए।

Read More: Jee Advance 2020: आईआईटी में दाखिलों के लिए कराई जाए या नहीं जेईई एडवांस

एबीवीपी का परिंडा व दाना पात्र अभियान

अजमेर. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद अजमेर महानगर का पशु पक्षियों के लिए परिंडा और दान पात्र अभियान जारी है। एक परिंडा-एक दाना पानी अभियान में कार्यकर्ता जुटे हैं। महानगर मंत्री आशू डूकिया जंजीला ने बताया कि बताया कि 80 परिंडे व 20 दाना पत्र लगाए गए हैं। उन्होंने विद्यार्थियों और आमजन से लॉकडाउन के दौरान परिंडे और दान पात्र लगाने की अपील की है। डूकिया ने कहा कि भीषण गर्मी में पशु-पक्षियों की सेवा जरूरी है। पर्यावरण प्रेमियों को सदैव इनकी सहायता के लिए तत्पर रहना चाहिए। इससे पक्षियों को जीवनदान मिलेगा। साथ ही आमजन को पुण्य लाभ भी होगा ।