
wait for heavy rain
अजमेर
काले बादल (clouds)गुरुवार को भी मुंह चिढ़ाते दिख रहे हैं। हवा चलने से मौसम में सुबह कुछ ठंडक रही थी। लेकिन धूप निकलने के साथ मौसम में उमस और गर्मी महसूस होने लगी है।
सुबह से ही आसमान पर काले बादलों (black clouds) का जमघट दिखा। हवा चलने और बादलों के चलते ठंडक भी रही। धूप निकलने के साथ उमस और गर्माहट हो गई। उम्मीद के अनुसार शहर में झमाझम बारिश (heavy rain) नहीं हो रही है। मौसम विभाग (weather dept) ने बीते चौबीस घंटे में 0.4 मिलीमीटर बरसात दर्ज की। अधिकतम तापमान 32 से 25 डिग्री और न्यूनतम 24.2 से 28 डिग्री के बीच बना हुआ है।
नहीं हो रही तेज बरसात..
पिछले दो-तीन दिन से शहर में कहीं तेज बरसात (rain in ajmer) नहीं हुई। घनघोर बादल मध्यम दर्जे की फुहारें छोड़ रहे हैं। धूप-छांव का दौर भी बना हुआ है। पिछले तीन-चार दिन में 20 मिलीमीटर बरसात भी नहीं हो पाई है। अलबत्ता जिले के पुष्कर (holy city pushkar), पीसांगन और आसपास के इलाकों में जरूर अच्छी बारशि हुई है।
5 जुलाई के बाद नहीं झमाझम बरसात
शहर में पांच जुलाई को झमाझम बारिश हुई थी। डेढ़ घंटे चली ताबड़तोड़ बारिश ने पूरे शहर को जलमग्न कर दिया था। अंदरूनी और बाहरी इलाकों, सडक़ों-चौराहों पर पर पानी उफन पड़ा। कई जगह बाहरी इलाकों और निचली बस्तियों में गलियों और घरों में पानी घुस गया। स्टेशन रोड, मदार गेट, कचहरी रोड और अन्य इलाकों में सडक़ों पर सिर्फ पानी ही पानी नजर आया।
इससे जनजीवन पर खासा असर पड़ा। मौमस विभाग ने शहर में 84 और सिंचाई विभाग ने 89 मिलीमीटर (साढ़े तीन इंच)बारिश दर्ज की थी। इसके बाद शहर में पिछले 19 दिन से ऐसी तेज बरसात नहीं हुई है।
निचले इलाकों में घुसा था पानी
बरसात से शहर के निचले (lowest area)और अंदरूनी इलाकों में घरों, गलियों और सडक़ों पर पानी भर गया था। पुरानी मंडी से उफनते पानी ने कचहरी रोड को दरिया बना दिया। अंधेरी पुलिया और तोपदड़ा पुलिया में भी पानी बहता रहा था। श्रीनगर रोड, प्रकाश रोड नगरा, सुनहरी कॉलोनी, बिहारी गंज, जादूघर, मेयो गल्र्स कॉलेज से सटी कॉलोनी और अन्य क्षेत्रों में गलियां (streets) पानी में डूबी नजर आई। कई जगह घरों, दुकानों में पानी घुस गया था। लोग बाल्टी लेकर पानी निकालने की मशक्कत करते दिखे थे।
नगर निगम के बारिश पूर्व प्रमुख और इनसे जुड़े नालों की सफाई के दावे खोखले नजर आए थे। शहर की सफाई व्यवस्था (clean drive) और पानी निकासी (water sever) व्यवस्था दुरुस्त करने के दावे धरे रह गए थे ।
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Published on:
25 Jul 2019 08:14 am
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