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Water crisis: चेन्नई की तरह अजमेर में लानी पड़ेगी वाटर ट्रेन

Water crisis: जलदाय विभाग ने भेज दी है सरकार को भेजी जलापूर्ति की आपात योजना। बीसलपुर बांध में गिर रहा है लगातार जलस्तर।
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अजमेर

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raktim tiwari

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Updated: 20 Jul 2019, 7:44 AM IST

drinking water crisis in ajmer

drinking water crisis in ajmer

अजमेर

जलदाय विभाग ने सरकार को अजमेर जिले की पेयजल आपूर्ति की आपात योजना का प्लान भेज दिया है। सरकार से मंजूरी मिलने के बाद इस पर अमल किया जाएगा। इसके अलावा विभाग को मानसून की सक्रियता का भी इंतजार है। ताकि बारिश होने पर बीसलपुर बांध (bisalpur dam) में पर्याप्त पानी की आवक हो जाए।

अजमेर जिले के शहरी और ग्रामीण इलाके पूर्णत: बीसलपुर बांध पर निर्भर हैं। पिछले साल कम बरसात के चलते बीसलपुर बांध खाली रह गया था। इसके चलते विभाग ने बीते वर्ष सितंबर-अक्टूबर से ही 72 घंटे के अंतराल में पेयजल आपूर्ति शुरू कर दी थी। बांध में लगातार जलस्तर (water level) घटता जा रहा है। मौजूदा वक्त इसका जलस्तर करीब 305.16 आरएल मीटर है। बांध से प्रतिदिन अजमेर को 260, जयपुर को 400 और टोंक को 20 एमएलडी पानी की सप्लाई की जा रही है। इसमें अब 2.45 टीएमसी पानी ही बचा है।

भेजी सरकार को आपात योजना
जलदाय विभाग अजमेर जिले की आपात जलापूर्ति योजना (contingency plan) बनाकर भिजवा दिया है। इसके तहत बीसलपुर बांध क्षेत्र में छह सात किलोमीटर दूर सांदला गांव के निकट बनास नदी में 50 ट्यूबवैल खोदे जाएंगे। इन्हें बघेरा-केकड़ी तक पहुंचाया जाएगा। नई पाइप लाइन (pipe line) भी डाली जाएगी। साथ ही वाटर ट्रेन से अजमेर में पानी मंगवाया जाएगा। हाल में अभियंताओं ने अतिरिक्त मुख्य अभियंता कार्यालय को यह प्रस्ताव बनाकर भेजा था।

कभी भेजते थे वाटर ट्रेन....
पिछले पांच-सात साल में बीसलपुर बांध में पानी (pani) की ज्यादा कमी नही हुई थी। इसके चलते अजमेर के नसीराबाद (nasirabad) से भीलवाड़ा (bhilwara) तक वाटर ट्रेन भेजी जाती थी। इस बार हालात बदल गए हैं। अजमेर में जलापूर्ति के लिए भीलवाड़ा से वाटर ट्रेन (water train) मंगवाने की योजना बनाई गई है। मालूम हो कि वर्ष 2011-12 में बीसलपुर बांध पूरी तरह सूखने की कगार पर पहुंच गया था। लेकिन मानसून (monsoon) के दौरान ताबड़तोड़ बरसात यह फिर भर गया था।


आपात योजना का प्लान बनाकर अतिरिक्त मुख्य अभियंता कार्यालय को भिजवाया जा चुका है। सरकार से जैसे निर्देश मिलेंगी उसकी पालना की जाएगी।

सी. एल. जाटव अधीक्षण अभियंता जलदाय विभाग

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