
अजमेर। विदेश में काम कर रहे पिता के साथ घूमने का सपना लेकर अजमेर की मां और दो बेटियां दिल्ली एयरपोर्ट से सऊदी अरब के लिए रवाना हुईं, लेकिन यह यात्रा उनके लिए डर, अपमान और मानसिक प्रताड़ना में तब्दील हो गई। बिना वैध वीजा के अंतरराष्ट्रीय उड़ान में बैठा दिए जाने के बाद दम्माम एयरपोर्ट पर उन्हें हिरासत में ले लिया गया। पीड़ित परिवार ने इस पूरे मामले को एयरलाइन और दिल्ली एयरपोर्ट इमिग्रेशन के कारिंदों की घोर लापरवाही बताया है। उन्होंने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक से फरियाद लगाते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की।
अजमेर पहाड़गंज जटिया कॉलोनी निवासी सरोज पत्नी भीमराज खत्री, पुत्री काजल खत्री व वर्षा खत्री के साथ 12 दिसंबर की रात एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट से दिल्ली से सऊदी अरब के दम्माम के लिए रवाना हुई थीं। तीनों के पास वैध पासपोर्ट व कन्फर्म एयर टिकट थे, लेकिन सऊदी अरब का वैध वीजा नहीं था। इसके बावजूद दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दस्तावेजों की जांच के बाद उन्हें बोर्डिंग पास जारी कर दिए गए और अंतरराष्ट्रीय उड़ान में बैठा दिया गया।
काजल ने बताया कि रात करीब 12.30 बजे दम्मान पहुंचने पर सऊदी इमिग्रेशन ने वीजा नहीं होने की पुष्टि की और उनको रोक लिया गया। उन्हें करीब 24 घंटे पुलिस हिरासत में रखा गया। इस दौरान उनसे पूछताछ की गई और तत्काल वापसी का टिकट बनवाने का दबाव डाला गया। पीड़ितों का कहना है कि इस पूरी घटना में उनकी कोई गलती नहीं थी, बल्कि एयरलाइन और इमिग्रेशन चेक में गंभीर चूक हुई।
काजल ने बताया कि उन्होंने 15 अक्टूबर को वीजा के लिए आवेदन किया और 24 अक्टूबर को वीजा मिलने की सूचना आ गई। दिल्ली स्थित सऊदी एम्बेसी से उन्हें अरबी भाषा में पत्र मिला, जिसे दिल्ली एयरपोर्ट पर वीजा मानते हुए इमिग्रेशन स्टाफ ने पासपोर्ट पर स्टांप लगाकर प्रवेश दे दिया। कई बार बोर्डिंग स्कैन होने के बावजूद किसी स्तर पर आपत्ति नहीं जताई गई।
काजल के पिता भीमराज खत्री, जो सऊदी अरब में नौकरी करते हैं। वह भी साथ थे लेकिन उनका वीजा वैध था, उनका इमिग्रेशन क्लियर हो गया। लेकिन जब उन्हें पत्नी, बेटियों के सऊदी अरब के इमिग्रेशन पर रोके जाने की जानकारी मिली तो एयरपोर्ट आने-जाने के दौरान कार एक्सीडेंट हो गया।
काजल ने बताया कि आखिरकार भाई आकाश खत्री ने भारत से रिटर्न टिकट करवाए, तब 14 दिसंबर की रात वे दिल्ली लौट सके। इस पूरी प्रक्रिया में परिवार को करीब 2.15 लाख रुपए का आर्थिक नुकसान व मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ी। उन्होंने एयर टिकट का रिफंड, मानसिक प्रताड़ना का मुआवजा व जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
Published on:
17 Dec 2025 02:47 pm
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