17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

हृदय विदारक हादसा : बच्चों के सामने ट्रेन की चपेट में आई मां की मौत, दर्दनाक मंजर देख दहल उठे बच्चे

Ajmer News : दौराई स्टेशन के पास रेलवे ट्रेक पार कर स्कूल से बच्चों को लेने आई शिक्षिका मां की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। यह हृदय विदारक हादसा शिक्षिका के मासूम बच्चों के सामने घटित हुआ।

2 min read
Google source verification

Ajmer News : अजमेर। दौराई स्टेशन के पास रेलवे ट्रेक पार कर स्कूल से बच्चों को लेने आई शिक्षिका मां की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। यह हृदय विदारक हादसा शिक्षिका के मासूम बच्चों के सामने घटित हुआ। मृतका मदरसा बोर्ड में पैराटीचर थी। वह मदरसे से छुट्टी के बाद स्कूल से लौटे अपने बच्चों को लेने अजमेर-ब्यावर रेल लाइन पर पटरी के पार जा रही थी।

पुलिस के अनुसार ब्यावर रोड एचएमटी के सामने हाल दौराई देशवाली मोहल्ला निवासी इशरत परवीन (39) पत्नी महबूब मंसूरी बुधवार दोपहर करीब एक बजे मदरसे से छुट्टी के बाद पटरी पार खानपुरा निजी स्कूल में अध्ययनरत बेटी शाहिता (14), साजिया(10) व बेटा मोहमद इमान(7) को लेने आई थी। तीनों बच्चे खानपुरा की ओर पटरी पार खड़े थे। इशरत ब्यावर रोड के पास स्कूटर खड़ा कर अजमेर-ब्यावर व डीएफसीसी रेल लाइन पार कर बच्चों को लेने पैदल जा रही थी तभी ट्रेन की चपेट में आ गई। हादसे की सूचना मिलते ही महबूब और उसके परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे। जमी हाल इशरत को परिजन जेएलएन अस्पताल लेकर पहुंचे जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। रामगंज थाना पुलिस ने संदिग्ध हालात में मृत्यु का मामला दर्ज कर पोस्टमार्टम करा शव परिजन को सुपुर्द कर दिया।

यह भी पढ़ें : हिस्ट्रीशीटर ने घर में घुसकर महिला को मारी गोली, परिजनों ने देखा तो उड़े होश

बच्चों ने देखा दर्दनाक मंजर

जिस वक्त मां के साथ हादसा पेश आया रेल की पटरियों के दूसरे छोर पर इशरत के तीनों बच्चों खड़े थे। तीनों को सुरक्षित पटरी पार करवाकर लाने के इरादे से इशरत दूसरी तरफ जा रही थी। तभी हादसे का शिकार हो गई। तीनों बच्चे अपनी मां को ट्रेन की चपेट में आते देख दहल उठे। बडी़ बेटी शाहिता ने पिता को कॉल कर हादसे की सूचना दी।

मौत का ही था बुलावा…

महबूब मंसूरी ने बताया कि वह रोजाना बाइक पर बच्चों को खानपुरा स्थित न्यू जेवियर स्कूल छोड़ने जाता है। लेकिन छुट्टी के समय बच्चे पुलिया निर्माण नहीं होने से पटरियों को पार कर आते हैं। वह रोजाना उन्हें लेने जाता है। लेकिन बुधवार को मदरसे से छुट्टी के बाद इशरत ने उसे कॉल कर बच्चों को स्वयं लेकर आने की बात कही। उसने पटरियां पार नहीं करने की भी उसे हिदायत दी थी। लेकिन बच्चों को सुरक्षित पटरी पार कराने के लिए वह खुद दूसरी तरफ जा रही थी।

पांच साल से काम अटका

अजमेर-अहमदाबाद रूट के दौराई फाटक पर बनाए रेल ओवरब्रिज (आरओबी एल-सी 2) का निर्माण पिछले पांच साल से कछुआ चाल से हो रहा है। निर्माण में देरी के चलते कंचन नगर, दौराई, खानपुरा व आसपास तथा अजमेर डेयरी सहित अन्य कॉलोनियों के लोगों को परेशानी हो रही है। हालांकि इसकी समय सीमा मार्च 2022 निर्धारित थी।