
कलेजे के टुकड़े को यूं लावारिश छोड़ गई मां
चन्द्र प्रकाश जोशी
अजमेर. ममता एवं वात्सल्य की देवी 'मांÓ अपने कलेजे के टुकड़े को इस तरह भगवान भरोसे छोड़ देंगी विश्वास भी नहीं हो रहा है। मां निष्ठुर बनकर मात्र 12 घंटे के अंतराल में ही नवजात बेटे को यूं छोड़ कर विमुख हो जाएगी, यह कल्पना करके मन सिहर उठता है। मगर आज 'मांÓ ने किसी लोकलाज और किसी ना किसी मजबूरी की वजह से कलेजे के टुकड़े को पालनागृह के पास छोड़ दिया। गनीमत तो यह रही कि अस्पताल परिसर में लावारिश छोडऩे से जान बच गई, नहीं तो किसी ना किसी झाडिय़ों में जानवरों का नवाला बन जाता।
जवाहर लाल नेहरू अस्पताल के शिशु रोग विभाग के बाहर बने पालनागृह के पास शुक्रवार रात्रि करीब 12 बजे नवजात शिशु को लावारिश छोड़ कर मां (कथित परिजन) चली गई। रात्रि में गर्मी के चलते आंगन तपने पर बच्चे को रोने की आवाज आई। पास ही किसी मरीज के परिजन को नवजात बच्चे के रोने की आवाज सुनी तो उसने शिशु रोग विभाग की कैज्युल्टी में नर्सिंगकर्मियों को सूचना दी। नर्सिंगकर्मियों ने नवजात शिशु को सुरक्षित लाकर जांच की एवं एनआईसी में भर्ती किया एवं चिकित्सकों ने जांच की। नवजात शिशु स्वस्थ होने पर आवश्यक उपचार दिया एवं इसकी सूचना जेएलएनएच के उच्चाधिकारियों एवं पुलिस को दी। सूचना के बाद पुलिस ने रिपोर्ट तैयार की। चिकित्सकों की देखरेख में बच्चा स्वस्थ है एवं एनआईसी में उपचाररत है।
इनका कहना है
पालनागृह के पास रात्रि करीब 12 बजे अज्ञात व्यक्ति एक दिन के नवजात शिशु को छोड़ गए। किसी मरीज के परिजन ने नर्सिंग स्टाफ को सूचना दी। नर्सिंगकर्मियों ने बच्चे को सुरक्षित लाकर चिकित्सकों के माध्यम से जांच करवाई। तत्काल उच्चाधिकारियों व पुलिस को सूचना दे दी। बच्चा फिलहाल स्वस्थ है।
डॉ. कंवर सिंह, शिशु रोग विभाग जेएलएनएच
Published on:
10 May 2019 03:44 pm
