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Ajmer: मल्टी-मॉडल कार्गो टर्मिनल से बदलेगी तस्वीर, उद्योगों की सीधी बंदरगाह से कनेक्टिविटी

Multi Modal Cargo Terminal: अजमेर जिले में समीपवर्ती ग्राम सराधना में शुरू हुआ गति शक्ति मल्टी-मॉडल कार्गो टर्मिनल अजमेर जिले को को एक उभरते हुए लॉजिस्टिक्स हब के रूप में नई पहचान देने वाला है। इससे क्षेत्र के मार्बल, ग्रेनाइट और खनिज उद्योग को सीधा लाभ मिलेगा, वहीं माल परिवहन लागत में कमी और सप्लाई चेन तेज व भरोसेमंद होगी।

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प्रतीकात्मक तस्वीर, मेटा एआइ

प्रतीकात्मक तस्वीर, मेटा एआइ

Multi Modal Cargo Terminal: अजमेर जिले में समीपवर्ती ग्राम सराधना में शुरू हुआ गति शक्ति मल्टी-मॉडल कार्गो टर्मिनल अजमेर जिले को एक उभरते हुए लॉजिस्टिक्स हब के रूप में नई पहचान देने वाला है। इससे क्षेत्र के मार्बल, ग्रेनाइट और खनिज उद्योग को सीधा लाभ मिलेगा, वहीं माल परिवहन लागत में कमी और सप्लाई चेन तेज व भरोसेमंद होगी। जिले से जल्द ही मार्बल-ग्रेनाइट और अन्य खनिजों का परिवहन ट्रक, ट्रेलर की जगह रेलवे की ओर शिफ्ट होने वाला है। जिससे खनिजों की लागत कम होने की उम्मीद है।

पश्चिमी समर्पित फ्रेट कॉरिडोर पर विकसित इस टर्मिनल का उद्घाटन शुक्रवार को डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के प्रबंध निदेशक प्रवीण कुमार ने किया। उन्होंने कहा कि यह सुविधा रेल और सड़क परिवहन के बेहतर समन्वय के जरिए माल ढुलाई को अधिक सुगम, तेज और किफायती बनाएगी। इससे अजमेर क्षेत्र के उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी बढ़ेगी।

4.3 एकड़ में फैला टर्मिनल

करीब 5 करोड़ रुपए की लागत से केंद्रीय भंडारण निगम द्वारा विकसित यह टर्मिनल लगभग 4.3 एकड़ क्षेत्र में फैला है। यहां आधुनिक कार्गो हैंडलिंग, वेयरहाउसिंग और मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इससे फर्स्ट और लास्ट माइल कनेक्टिविटी मजबूत होगी। बे​हतर सुविधाएं मिलने पर उद्योग का​रोबारियों का आकर्षण भी रेल ​परिवहन की ओर होना तय है। खनिजों के एक्सपोर्ट के लिए सीधे बंदरगाहों तक कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी।

सालाना 1.5 मिलियन टन कार्गो

टर्मिनल प्रतिमाह करीब 40 रैक और सालाना लगभग 1.5 मिलियन टन कार्गो संभालने में सक्षम होगा। इसमें कंटेनर, मार्बल, ग्रेनाइट और अन्य खनिज उत्पादों का परिवहन प्रमुख रहेगा। इस टर्मिनल के जरिए अजमेर को जेएनपीटी, पीपावाव और मुंद्रा जैसे प्रमुख बंदरगाहों से सीधी और तेज कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे निर्यात-आयात गतिविधियों को गति मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि सराधना टर्मिनल के संचालन से क्षेत्र में औद्योगिक निवेश बढ़ेगा, परिवहन लागत घटेगी और अजमेर की पहचान एक मजबूत लॉजिस्टिक्स केंद्र के रूप में स्थापित होगी।

ये रहे मौजूद

इस दौरान निदेशक शोभित भटनागर, अनुराग शर्मा, महाप्रबंधक एस. पी. वर्मा, विनीत त्यागी, राजेन्द्र सिंह चौधरी, क्षेत्रीय प्रबंधक केंद्रीय भंडारण निगम प्रिंस कुमार व सलाहकार जे. एस. मथारू, उप महाप्रबंधक राजेश नवहाल, चंद्रशेखर शर्मा, प्रबंधक सी. एल. चौधरी, वी. चतुर्वेदी, सहायक प्रबंधक सुनील सैनी आदि मौजूद रहे।