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Ajmer: युवक की संदिग्ध मौत, पत्नी और बच्चों के लिए पत्थर पर लिखा रुला देने वाला संदेश, बैंकाक में मिला था धोखा

Rajasthan News: नसीराबाद स्थित लाल डिग्गी तालाब के बाहर सोमवार सुबह जूते और पत्थर पर लिखे संदेश 'पत्नी-बच्चों मुझे माफ करना' से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने रातभर तलाशी अभियान चलाया

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Ajmer Suspicious Death

मृतक की फोटो: पत्रिका

Youth Dies Under Suspicious Circumstances: लाल डिग्गी तालाब में डूबने से हुई एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मौके पर मिले सुसाइड नोट और युवक की पृष्ठभूमि ने मानसिक तनाव, ठगी और प्रशासनिक लापरवाही जैसे कई गम्भीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नसीराबाद सिटी थाना पुलिस ने संदिग्ध हालात में मृत्यु का मामला दर्जकर शव का पोस्टमार्टम करवाया।

नसीराबाद स्थित लाल डिग्गी तालाब के बाहर सोमवार सुबह जूते और पत्थर पर लिखे संदेश 'पत्नी-बच्चों मुझे माफ करना' से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने रातभर तलाशी अभियान चलाया। मंगलवार सुबह करीब साढ़े 8 बजे युवक का शव तालाब से बरामद कर लिया। मृतक की पहचान फुलागंज हाल जैन कॉलोनी हाउसिंग बोर्ड निवासी किशन कुमार दोधानी के रूप में हुई है।

नौकरी के लिए गया था बैंकाक

प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया कि किशन कुमार कुछ समय से मानसिक अवसाद में था। कुछ दिन पहले उसने पुलिस अधीक्षक को अपनी पीड़ा बयान की थी। जिसका सोशल मीडिया पर उसका वीडियो भी वायरल है। वायरल वीडियो में उसने बताया था कि परिचित ने उसको नौकरी दिलाने के नाम पर बैंकाक बुलाया। वहां वह पत्नी और बच्चों के साथ 7–8 दिन रुका, लेकिन सिर्फ इंटरव्यू के नाम पर उसे करीब तीन महीने तक टालते रहे। निराश होकर वह वापस घर लौटकर आ गया।

सूटकेस ड्रग्स और धमकी

किशन के घर लौटने से पहले उसको बैंकाक में सूटकेस दिया। उसको कहा गया कि सूटकेस में बच्चों के लिए चॉकलेट हैं। उसने बिना जांचे सूटकेस मुंबई में एक युवक को दे दिया। बाद में उसी मामले में मुंबई में पुलिस कार्रवाई हुई तो युवक पकड़ा गया। तब किशन को पता चला कि सूटकेस में ‘ड्रग्स’ थी। इसके बाद किशन को कॉल करके धमकाते हुए परिवार समेत घर से दूर चलने जाने की नसीहत दी गई।

दबाव में था किशन

किशन मोबाइल फोन कॉल से दबाव में आकर करीब 6 दिन पहले एसपी के समक्ष आपबीती सुनाते हुए मदद की गुहार लगाई। अजमेर कलक्ट्रेट का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। इधर, 18 मार्च को किशन लाल ने डिग्गी तालाब में कूदकर जान दे दी। उसने तालाब में कूदने से पहले पत्थर पर परिवार के लिए संदेश लिखा कि मुझे माफ कर देना। सूचना पर पुलिस ने रातभर तलाश की लेकिन शव का सुराग नहीं लगा। आखिर गुरूवार सुबह एनडीआरएफ की टीम ने सर्च ऑपरेशन चलाया। शव बाहर निकाला तब उसकी पहचान हो सकी।

इनका कहना है

परिवार ने फिलहाल कोई शिकायत नहीं दी है। प्रारंभिक पड़ताल में कोटा के किसी परिचित ने उसे नौकरी के निए विदेश भेजा था और ड्रग के किसी केस में फंसाने की बात सामने आई है। आगामी दिनों में अनुसंधान किया जाएगा।

पंकज कुमार, थानाप्रभारी नसीराबाद सिटी