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नेताजी का बढऩे वाला है टैंशन, अभी से करना पड़ेगा ये जुगाड़

अब वार्ड समान होंगे। पूर्व में जो क्षेत्र नहीं जोड़ जा सके वह जोड़े जा सकेंगे।
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municipal corporation ajmer

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अजमेर.

अजमेर शहर में परिसीमन के चलते वार्डों संख्या 60 से बढकऱ 80 हो गई है। परिसीमन के बहाने राजनीतिक चौसर बिछा दी गई है। अगले साल होने वाले महापौर और पार्षद के चुनाव मे यह परिसीमन बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। राजनीतिक रूप से वार्ड परिसीमन से कांग्रेस को फायदा होगा। पिछले 2 दशक से नगर निगम के बोर्ड में भाजपा काबिज है।

ऐसे में कांग्रेस राजनीतिक फायदा लेने की कोशिश करेगी तो भाजपा के सामने दो दशक पुराना कब्जा बचाए रखने की चुनौती होगी। वर्तमान में 60 में से 35-40 पार्षद भाजपा के हैं। वार्डों के परिसीमन के लिए वर्ष 2011 की जनगणना को आधार बनाया गया है। शहर में वार्डों के परिसीमन से कई राजनीतिक क्षत्रपों की राजनीतिक जमीन खिसकेगी तो कइयों को नए वार्ड तालशने पड़ेंगे।

इन वार्डो पर पड़ेगा असर

वार्ड नम्बर 56 आनासागर के चारों ओर फैला हुआ है। वार्ड नम्बर 51, वार्ड नम्बर 59, 60, 30, 23, 28, 36 काफी बड़े हैं। परिसीमन में इनका भाग कम हो सकता है। वार्ड छोटा होने से कामकाज में सहूलियत होगी। सफाई तथा विकास कार्यों पर ध्यान दिया जा सकेगा। विकास के लिए फंड भी अधिक मिलेगा। पार्षद का आमजन के साथ अधिक जुड़ाव होगा। अतिक्रमण की प्रभावी मॉनिटरिंग हो सकेगी। अब तक कई पार्षद विकास कार्य करवाने की बजाय अपने वार्ड के बड़े होने के कारण सम्पूर्ण विकास नहीं करवा पाने की शिकायत करते रहते हैं। अब वार्ड समान होंगे। पूर्व में जो क्षेत्र नहीं जोड़ जा सके वह जोड़े जा सकेंगे।

पैराफेरी क्षेत्र भी जुड़ेंगे।
इनका रखना होगा ध्यान परिसीमन के लिए जारी निर्देशों के अनुसार वार्डो की सीमाएं जहां तक संभव हो सडक़ या गली के आधार पर निर्धारित की जाएं और यदि इससे वार्ड का अनुपात बिगड़ता हो तो वार्ड रेखा काल्पनिक भी रखी जा सकती है। कोई भी क्षेत्र वार्ड में से नहीं छूटे। किसी वार्ड में कोई पॉकेट न बन जाए। एक ही मकान दो वार्डो में विभाजित नहीं हो। विधानसभा बाउंड्री को न तोड़ा जाए। दो विधानसभा क्षेत्रों की बाउंड्री को एक वार्ड न बनाया जाए। पूरा वार्ड एक थाने की सीमा में रहे। एक वार्ड दो अलग अलग पुलिस थाने की सीमा में विभाजित नहीं हो। सम्पूर्ण वार्ड विकास प्राधिकरण/विकास न्यास के साथ एक जोन में ही हो। पीएचईडी, पीडब्ल्यूडी एंव डिस्कॉम के क्षेत्राधिकार के साथ भी समानता रखी जाए। परिसीमन कार्य एवं वार्डों का आरक्षण पूर्ण करवाया जाना आवश्यक है।

नगर निगम ने बनाई कमेटी

नगर निगम ने वार्डो के परिसीमन के लिए नगर निगम आयुक्त ने उपायुक्त गजेन्द्र सिंह रलावता के नेतृत्व में कमेटी गठित की है। इसमें एसई राजेश शर्मा, एईएन ललित मोहन शर्मा, जेईएन योगेन्द्र सिंह शेखावत, अरविन्द दायमा तथा दो संविदा कर्मियों को शामिल किया गया है।

भाजपा जुटी तैयारी में, बनाया शहर प्रभारी
वार्डों के पुनर्गठन के लिए भाजपा जिलाध्यक्ष शिव शंकर हेड़ा ने महामंत्री आनन्द सिंह राजावत को प्रभारी नियुक्त किया है। अजमेर उत्तर विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत आने वाले वार्डों के परिसीमन के लिए वरिष्ठ उपाध्यक्ष सोम रत्न आर्य तथा दक्षिण विधासभा क्षेत्र के लिए महामंत्री डॉ.प्रियशील हाड़ा को नियुक्त किया गया है। नियुक्त पदाधिकारियों के सहयोग के लिए मंडल स्तर पर कमेटियां भी बनाई गई हैं। हेड़ा ने बताया कि परिसीमन के विषय पर सीईओ नगर निगम से बात की गई है। सभी राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर परिसीमन से सम्बन्धित कार्य की जानकारी देने तथा समस्या समाधान का आग्रह किया गया।