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नगर निगम नहीं कर पा रहा करोड़ों की गृहकर राशि की वसूली

भुगतान नहीं मिलने पर निजी फर्म ने चार साल पहले छोड़ा काम - निगम के पास 300 गज से कम की संपत्तियों का ऑनलाइन डाटा नहीं- चार करोड़ से अधिक का गृहकर अब भी बकाया

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अजमेर

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Dilip Sharma

Sep 21, 2023

नगर निगम नहीं कर पा रहा करोड़ों की गृहकर राशि की वसूली

नगर निगम नहीं कर पा रहा करोड़ों की गृहकर राशि की वसूली

दिलीप शर्मा

अजमेर. नगर निगम के लिए प्रमुख आय के स्त्रोत गृहकर की वसूली टेढ़ी खीर बन रही है। निगम के पास 300 गज से छोटे भूखंड की संपत्तियों का का ऑनलाइन डाटा उपलब्ध नहीं है। वर्ष 2017 में तत्कालीन भाजपा सरकार ने 300 गज तक के आवासीय भूखंडाें को गृहकर मुक्त कर दिया था। लेकिन उससे पूर्व की अवधि की करोड़ों रुपयों की गृहकर राशि आवासीय व व्यावसायिक संपत्तियों पर बकाया थी। इनका डाटा एक निजी फर्म के जरिए निगम में संधारित किया जाता था। वर्ष 2019 में फर्म का 27 लाख का भुगतान बकाया था लेकिन निगम प्रशासन की ओर से भुगतान नहीं करने के कारण फर्म ठेका कार्य छोड़ कर चली गई।

जानकारों का कहना है कि अब निगम के पास ऑफलाइन डाटा के लिए पुरानी पत्रावलियां ही एकमात्र विकल्प हैं। लेकिन पोचे प्रशासनिक प्रबंधन के कारण इन पत्रावलियाें को तलाशा जाना भी बड़ी चुनौती है। निगम सीमा में स्थित आवासीय व व्यावसायिक संपत्तियों पर गृहकर के रूप में करीब चार करोड़ से अधिक की राशि बकाया बताई जा रही है। लेकिन निगम प्रशासन को इस राशि की वसूली का उपाय नहीं सूझ रहा। भुगतान नहीं मिलने पर छोड़ा काम

जानकारी अनुसार ओसवाल डाटा कंपनी को गृहकर व जन्म-मृत्यु पंजीकरण सहित की अन्य कार्य के लिए करीब दस वर्ष पहले 2013 में ठेका दिए जाने के बाद फर्म ने 2019 तक कार्य किया। इस बीच फर्म को निगम प्रशासन की ओर से फर्म को बकाया 27 लाख रुपए का भुगतान करना था। लेकिन भुगतान विवाद के चलते फर्म निगम से चली गई। इसके बाद निगम अपने स्तर पर गृहकर व जन्म मृत्यु डाटा रख रहा है लेकिन पांच साल से पूर्व का डाटा उपलब्ध नहीं है।

-निगम ने नियमित भुगतान नहीं दिया व फर्म के करार को भी आगे नहीं बढ़ाया। इसलिए जाना पड़ा। सारा डाटा हमारी फर्म की वेबसाइट पर अपलोड किया गया था। भुगतान नहीं होने से वेबसाइट बंद हो गई। कार्य दूसरी फर्म को दे दिया। नए सॉफ्टवेयर में डाटा की स्थिति नई फर्म ही बता सकती है। हमारी फर्म गृहकर, जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र, दुकान किराया, वेतन आदि सभी कार्य करती थी। अब अलग-अलग फर्म से यह काम करवा रहे हैं।मीनू गर्ग, परियोजना प्रबंधक, ओसवाल डाटा कंपनी।

इनका कहना है

2007 के बाद ऑनलाइन सिस्टम आने के बाद से निगम के पास डाटा उपलब्ध है। निगम अपने स्तर पर डाटा स्टोर कर रखा है। अब जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्र ऑनलाइन बनाए जाते हैं। पुराने रिकार्ड के अनुसार बकाया गृहकर वसूली की जाती है।

जयश्री, प्रभारी गृहकर, नगर निगम अजमेर

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गत पांच सालों की बकाया व वसूली

वर्ष कुल मांग वसूली

2018-19 76565658 44549063.

2019 - 20 76215123 58929403.

2020 - 21 81859911 32402739.

2021- 22 53019942 31055516.

2022- 23 57289553 46698786.

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चालू वर्ष में 2023-24

मांग - 57529906

कुल वसूली - 13910955

कुल बकाया - 43618951.

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चालू वर्ष में मांग पत्र वितरित किए

2024 - कुल मांग पत्र - 55