
जलदाय विभाग की लापरवाही, दूषित पानी पीने को मजबूर शहरवासी
बाड़ी. शहर में जलदाय विभाग की ओर से लगभग 70 प्रतिशत भाग में पाइपलाइन बिछा दी गई है, लेकिन अभी &0 प्रतिशत भाग पर पाइपलाइन नहीं होने से शहरवासी पानी को तरस रहे हैं। पुरानी पाइप लाइन जर्जर हो गई है। जिसके चलते लीकेज होने के कारण लोगों के घरों में गन्दे व बदबूदार पानी की आपूर्ति हो रही है। जिससे बीमारियां पनपने का खतरा मंडरा रहा है। कई वर्षों से कॉलोनियों में पाइप लाइन ही नहीं डाली गई हैं। संत नगर रोड, डॉक्टर कॉलोनी बसेड़ी रोड, परशुराम कॉलोनी, अवस्थी कॉलोनी, राम नगर कॉलोनी, मीणा कॉलोनी शामिल हैं।
अधिकारियों को शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। कई कई दिन तक अनियमित जलापूर्ति से पेयजल संकट गहरा गया है। विभागीय अधिकारियों के कार्यालय में न बैठने पर पानी की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
पिछले कुछ समय से मोहल्ला, कायस्थ पाड़ा सहित मलिकपाड़ा व छपेटी पाड़ा, कसाई पाड़ा में दूषित पेयजल आपूर्ति हो रही है। लोगों में बीमारियां पनपने का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन व जलदाय विभाग को शिकायत भी की लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया है।
मोहल्ला कसाई पाड़ा निवासी एक उपभोक्ता सतीश चंद्र मंगल ने बताया कि मोहल्ला कसाई पाड़ा वार्ड संख्या 16 व 17 में पिछले लगभग एक माह से पानी में गन्दगी आ रही है।
शहर के लिए 38 करोड़ रुपए का बजट पारित
जेईएन विजय सिंह ने बताया कि सरकार ने &8 करोड़ के लगभग का बजट पारित हुआ है। शहर में नल की पाइप लाइन बदली जाएगी। पुरानी कॉलोनिया में भी नए कनेक्शन दिए जाएंगे। बताया कि शहर के कीड़ी मोहल्ला में नल कनेक्शन में टोटियां नहीं लगी है जिससे पानी बहता रहता है।
बाड़ी. नलों में नहीं लग रही टोटी।
शहरवासियों की यह है पीड़ा
रहिमन पानी राखिए बिन पानी सब सून, पानी गए न उबरे मोती मानुस चून, यह दोहा उस दौर में लिखा गया, जब पानी की कोई कमी नहीं होती थी, लेकिन आज पानी का संग्रहण नहीं करने और होने वाली किल्लत का साफ उदाहरण दिया है। आए दिन शहरवासी गन्दगी युक्त पानी पीने को ही मजबूर है।
अशोक गोयल, सचिव, अग्रवाल फाउंडेशन, बाड़ी।
इनका कहना है
मोहल्ला गुमट में जलदाय विभाग की लापरवाही से अनेक लोगों ने मुख्य पाइप लाइन से अवैध कनेक्शन ले रखे हैं। जिससे उपभोक्ताओं को नुकसान उठाना पड़ रहा है। लीकेज पाइप लाइनों की मरम्मत नहीं करने से गंदगी युक्त पानी पीने से लोग बीमार पड़ रहे हैं।
अहमद जमा खां, वाइस चेयरमैन, बाड़ी
इनका कहना है
जलदाय विभाग पर केवल बाड़ी शहर का 70 प्रतिशत लोड है, जबकि &0 प्रतिशत भाग पर तो पाइपलाइन अभी बिछाई नहीं गई है। जिससे कई कॉलोनी के नागरिक अभी पानी पीने को तरस रहे हैं।
एडवोकेट राधेश्याम गर्ग, जिलाध्यक्ष, वैश्य समाज
इनका कहना है
जल ही तो जीवन है। यह बात सोलह आना सच है। शहर की पानी की पाइप लाइन बिछे दशकों साल बीत गए हैं। इन पाइप लाइनों में लीकेज होना हरगली मोहल्ले की आम बात है। बाड़ी में सब कुछ बदल गयाए मगर न जाने किसकी नजर लग गई है कि पेयजल वयवस्था का सुधार होगा। पयासे को पानी पिलाया नहींं, अमृत पिलाने से क्या फायदा।
राजेंद्र मंगल, युवा साहित्यकार, अग्रवाल समाज, बाड़ी।
इनका कहना है
लोगों को शुद्ध पानी पीने को नहीं मिल पा रहा है। जर्जर पड़ी पाइपलाइन लीकेज होने से गंदगी युक्त पानी की सप्लाई घरों में हो रही है।
योगेश उर्फ मोनू मंगल, वार्ड पार्षद
इनका कहना है
जलदाय विभाग में कोई धणी-धोरी नहीं है। सुबह एवं शाम पानी सप्लाई का कोई टाइम टेबल निश्चित नहीं होने से ऊंचे स्थानों पर स्थित उपभोक्ताओं को पीने का पानी नसीब नहीं हो पा रहा है। लोग पीने के पानी के लिए वंचित रह जाते हैं तथा नलों के समय बिजली चली जाती है।
अरुण मंगल, अधिवक्ता
इनका कहना है सैपऊ रोड, कीड़ी एवं हास्पीटल रोड पर गत 12 वर्ष से खारे एवं फ्लोरिड युक्त पानी की सप्लाई की जा रही है। जिससे बाड़ी की जनता को घुटनों में दर्द, पाचन क्रिया का खऱाब होना एवं शरीर में कमजोरी आने से लोग पानी बोतल खऱीद कर अपना गुजारा कर रहे हैं
महेन्द्र सिंह परमार, विधानसभा प्रभारी, आम आदमी पार्टी
इनका कहना है
बारिश में तो स्थिति और भी खऱाब हो जाती है, जहां विभाग की वर्षो पुरानी पाइपलाइन अब जर्जर हो चुकी है। जिससे बस्ती के लोगों को पीने का पानी शुद्ध नहीं मिल पाता है।
एडवोकेट जयपाल गुर्जर, युवा एडवोकेट
Published on:
12 Aug 2021 01:31 am
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