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Good news: आंखें पथरा गई थी इनके इंतजार में, अब मिलेगी इन्हें नई जिंदगी

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college lecturer appointment

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अजमेर.

प्रदेश के लॉ कॉलेज को जल्द विधि शिक्षक मिलेंगे। राजस्थान लोक सेवा आयोग ने कॉलेज व्याख्याता (विधि) प्रतियोगी परीक्षा-2014 का परिणाम जारी कर दिया है। आयोग से सूची मिलने और तकनीकी परीक्षण के बाद कॉलेज शिक्षा निदेशालय व्याख्याताओं का पदस्थापन करेगा।

वर्ष 2005-06 में प्रदेश में 15 लॉ कॉलेज स्थापित किए गए थे। इनमें अजमेर, भीलवाड़ा, सीकर, नागौर, सिरोही, बूंदी, कोटा, झालावाड़ और अन्य कॉलेज शामिल हैं। शुरुआत में लॉ कॉलेजों में विधि शिक्षकों की स्थिति ठीक रही, लेकिन लगातार सेेवानिवृत्तियों के चलते पिछले 5-6 साल में विधि शिक्षा 'वेंटीलेटरÓ पर आ चुकी है।

प्रदेश में सिर्फ 40 शिक्षक
मौजूदा समय प्रदेश की विधि शिक्षा 40 रीडर के भरोसे है। इनमें 5-6 रीडर दूसरे विश्वविद्यालयों और कॉलेज शिक्षा निदेशालय में पदस्थापित हैं। मौजूदा वक्त लॉ कॉलेजों में महज 32 से 34 रीडर ही कार्यरत हैं। सिरोही, बूंदी, नागौर, झालावाड़ लॉ कॉलेज में तो एक या दो ही शिक्षक हैं।

साढ़े तीन साल लगे प्रक्रिया में

राजस्थान लोक सेवा आयोग ने 80 से ज्यादा पदों के लिए विधि शिक्षकों की भर्ती परीक्षा कराई थी। लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के बावजूद साढ़े तीन साल में इनकी नियुक्तियां नहीं हो पाई। हाईकोर्ट में याचिका के चलते मामला अटका रहा। पिछले 15 दिन से अभ्यर्थियों ने धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद आयोग ने अभ्यर्थियों का परिणाम जारी किया है।

नियुक्तियों के बाद 'संजीवनी
प्रदेश के लॉ कॉलेज को अब नए विधि शिक्षक मिलेंगे। यह नियुक्तियां होने के बाद सभी कॉलेज को संजीवनी मिलेगी। आयोग की सूची भेजने के बाद कॉलेज शिक्षा निदेशालय तकनीकी परीक्षण करेगा। इसके बाद व्याख्याताओं के पस्थापन होंगे। मालूम हो कि पर्याप्त शिक्षक नहीं होने के कारण ही बार कौंसिल ऑफ इंडिया से इन्हें स्थायी सम्बद्धता नहीं मिल पाई है। साथ ही प्रतिवर्ष प्रथम वर्ष में प्रवेश विलम्ब से हो रहे हैं।

इन्हें देखकर आप भी कह उठेंगे वाह-वाह

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