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टोने टोटके के चक्कर में बहू ने सास को कीड़े मकोड़े व गन्दिगी खिलाकर की सारी हदें पार, लाचार सास लगा रही इच्छा मृत्यु की गुहार

एक वृद्धा ने जीवन के अंतिम पड़ाव में पुत्रवधू की प्रताडऩा से तंग होकर कलक्ट्रेट में जिला कलक्टर आरती डोगरा के समक्ष इच्छा मृत्यु की गुहार लगाई।
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Old lady appeal for euthanasia because of torture of her family

टोने टोटके के चक्कर में बहू ने सास को कीड़े मकोड़े व गन्दिगी खिलाकर की सारी हदें पार, लाचार सास लगा रही इच्छा मृत्यु की गुहार

अजमेर . एक वृद्धा ने जीवन के अंतिम पड़ाव में पुत्रवधू की प्रताडऩा से तंग होकर कलक्ट्रेट में जिला कलक्टर आरती डोगरा के समक्ष इच्छा मृत्यु की गुहार लगाई। कलक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अजमेर तहसीलदार को संबंधित थाना पुलिस के साथ जाकर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।

केसरगंज ईदगाह सब्जी मंडी के पास रहने वाली शांति देवी (85) ने सुबह कलक्टर डोगरा को शिकायत देकर तथाकथित पुत्रवधू की प्रताडऩा से मुक्त कराने की मांग की। पीडि़ता ने बताया कि जीवन के अंतिम क्षणों में वह सुकून की जिन्दगी जीना चाहती है लेकिन उसके दिवंगत पुत्र चन्द्रमोहन की तथाकथित पत्नी आशादेवी और उसका बेटा शुभम उसकी गैरमौजूदगी में आए और मकान पर कब्जा जमा लिया। सम्पत्ति के लालच में आए दिन प्रताडि़त करते है ताकि वह सबकुछ छोड़कर चली जाए।

मदद के लिए आने वाले रिश्तेदारों को भी झूठे आरोप लगाकर फंसाने और जेल भिजवाने की धमकी देती है। पीडि़ता ने बताया कि आरोपितों ने बिजली का दुरुपयोग कर उसका बिल इतना बढ़ा दिया कि उसको कनेक्शन कटवाना पड़ा। लेकिन आरोपितों ने फर्जी दस्तावेजों से घर में नया कनेक्शन ले लिया। अब उसको रातभर तेज आवाज में गाने बजाकर प्रताडि़त किया जाता है। कलक्टर डोगरा ने पीडि़ता की व्यथा सुनने के बाद नायब तहसीलदार प्रीति चौहान व क्लॉक टावर थाना पुलिस को शांतिदेवी के साथ उसके घर भेजा। पुलिस ने पीडि़ता के बयान दर्जकर कार्रवाई का भरोसा दिलाया।


पुलिस ने पाबंद कर छोड़ा

क्लॉक टावर थाना पुलिस ने आशा को थाने पर लाकर पूछताछ की। पुलिस ने आश को सांस शांतिदेवी को हैरान-परेशान न करने के लिए पाबंद कर छोड़ दिया। उल्लेखनीय है कि पूर्व में भी हुई झगड़े में पुलिस ने वृद्धा की शिकायत पर एफआर लगा दी थी जबकि आशा को पाबंद किया था।


टोना-टोटके से प्रताडऩा

शांतिदेवी ने बताया कि आशा और शुभम उसे डायन कहकर रोजाना प्रताडि़त करते हैं। उसके खाने में आए दिन कीड़े-मकोड़े डाल देते हैं। वहीं उसे जबरन गंदगी खाने को मजबूर करते हैं। आरोपित टोने-टोटके कर उसका भूत भगाने का रोजना ढोंग करते हैं। उनके अमानवीय व्यवहार से परेशान होकर उसने पुलिस थाने में शिकायत दी लेकिन वहां भी उसको कोई राहत नहीं मिली।


बेटे के मृत्यु पूर्व छोड़ा

शांतिदेवी ने बताया कि आशा उसके बेटे चन्द्रमोहन की मृत्यु से पहले ही उसे छोड़ कर अन्यत्र चली गई थी। शांतिदेवी के दोनों बेटे और पति की मृत्यु के बाद सम्पत्ति के लालच में आशा ने अपने कथित बेटे शुभम के साथ अजमेर पहुंच मकान पर कब्जा जमा लिया। जबकि उक्त पुश्तैनी सम्पत्ति पर उसके दो देवर हरिकिशन, श्रीकिशन, ननद दिवंगत अंजानदेवी, उसके वारिसान और उसकी तीन पुत्रियों का अविभिाजित मालिकाना हक है।