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अजमेर उपचुनाव: पार्टियां खोल चुकी अपने पत्ते लेकिन फिर भी अब तक नहीं कर रही प्रत्याशियों का अधिकृत रूप से ऐलान ,पढ़ें क्या है वजह

आगामी 29 जनवरी को अजमेर लोकसभा क्षेत्र के उपचुनाव के लिए दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दलों के दावेदारों के नाम सामने आ चुके हैं।

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parties not announced Authorised candidates name for by election

अजमेर .आगामी 29 जनवरी को अजमेर लोकसभा क्षेत्र के उपचुनाव के लिए दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दलों के दावेदारों के नाम सामने आ चुके हैं। दोनों दलों के आलाकमान भी इन पर सिद्धांतत: सहमति भी बन चुकी है लेकिन इसके बावजूद पार्टियों की ओर से प्रत्याशियों के नामों का अधिकृत ऐलान नहीं किया गया है। ऐसे में माना जा रहा है कि दोनों ही पार्टियां वेट एंड वाच की स्थिति में है। अंतिम समय में प्रत्याशियों के नाम में फेरबदल करना पड़ जाए इसी कारण प्रत्याशियों के नामों का अधिकृत ऐलान नहीं किया जा रहा।

नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 10 जनवरी है। मौजूदा परिस्थितियों के चलते यह माना जा रहा है दोनों ही दल अंतिम दिनों मेंही नामांकन दाखिल कर सकते हैं। राजनीतिक हल्कों में यह चर्चा भी है कि दोनों ही पार्टियों ने अपने प्रत्याशियों के नाम पर मुहर लगाने की तैयारी कर रखी है फिर भी कोई नई परिस्थितियां बनती है तो एक रिजर्व नाम भी पार्टियों के जहन में रखे हैं।


अब तक जो तस्वीर सामने आई है। उसके अनुसार कांग्रेस पार्टी से सशक्त दावेदार के रूप में रघु शर्मा का नाम लगभग तय माना जा रहा है वहीं भारतीय जनता पार्टी से दिवंगत सांवरलाल जाट के पुत्र रामस्वरूप लांबा के नाम को ही आगे बढ़ाया गया है। दोनों ही पार्टियों में फिलहाल इन नामों को लेकर कोई मतभेद नजर नहीं आ रहा।

रघु शर्मा केकड़ी के विधायक रह चुके हैं और विधानसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक के रूप में विपक्ष में रहते हुए भी मुखर छवि के नेता माने जाते हैं। पार्टी में इनके नाम को लेकर कोई मतभेद नहीं है। वहीं भाजपा अपने जमाने के लोकप्रिय नेता रहे सांवरलाल जाट के पुत्र रामस्वरूप लांबा को मैदान में उतारना चाहती है।

पार्टी का मानना है कि जाट की पकड़ जिले में खासी जोरदार रही साथ ही वह कईबार मंत्री रहते हुए उन्होंने दूरस्थ गांवों में पेयजल से जुड़ी कई योजनाओं को मूर्त रूप दिया। उनकी सहानुभूति के रूप में जाट के पुत्र लांबा पर दाव खेलेगी। हालाकि दोनों ही पार्टियों ने प्रत्याशियों का अधिकृत ऐलान नहीं किया है। शुक्रवार तक ऐलान नहीं हुआ तो सोमवार आठ जनवरी तक अंतिम घोषणा की जा सकती है।