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रोशनी के त्यौंहार की हुई शुरूआत, इस बार ये खास पटाखे बन रहे लोगों की पहली पसन्द

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diwali

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अजमेर. दीपावली के अवसर पर बाजार सज चुके है। बाजार में जगह-जगह पटाखों की दुकानें लग गई है। बड़ीं संख्या में लोग पटाखों की दुकानों पर उमड़ रहे हैं। यहां हर उम्र के हिसाब से पटाखे मौजूद हं। बच्चों के लिए फुलझड़ी, जमीन, चकरी और अनार है तो बड़ों के लिए रंग बिरंगी आतिशबाजियां और बम भी है। वहीं लाल बम और टिकड़ी का भी क्रेज आज भी बरकरार है। सबसे खास बात यह है बीते कुछ वर्षों में चायनीज पटाखों के प्रति लोगों का रुझान नहीं होने के कारण यह दुकानों से हट चुके हं।

बाजार में आसमान में जाने वाली नासा रॉकेट तो, रंगबिरंगे पिकॉक अनार भी हैं। कई तरह से रंग फैलाने वाला कलर प्लस, ग्रीन मैजिक, कल स्पीनर भी खूब लुभा रहा है। कई रंगों की धाराएं छोडऩे वाली नृत्यधारा भी खूब बिक रही है। जिले में दीपावली के दौरान 20 करोड़ रुपए से ज्यादा के पटाखों का व्यापार है। सामान्यतय फुलझड़ी का पैकेट 10 से 60 रुपए, अनार 20 से 500, बम 10 से 150, रोशनी 20 से 150 रुपए में मिल रही है। वहीं इससे भी कई पटाखे इससे महंगे भी है।


चायनीज पटाखे बाजार से गायब

कुछ वर्षों पहले बाजार में जहां चीन निर्मित पटाखों की भरमार थी। वहीं आज वह बहुत कम नजर आ रहे है। पटाखा व्यापारी रवि गोयल ने बताया कि लोगों की ओर से देश में निर्मित पटाखों की प्राथमिकता से खरीदारी के कारण चीन निर्मित पटाखे बाजार से करीब-करीब गायब हो गए।


रोशनी का क्रेज

पहले जहां दीपावली पर धमाकों का शोर सुनाई देता था। वहीं अब बमों का शोर कम गया है। क्योंकि लोगों की रुचि पिछले कुछ वर्षों में रंगबिरंगी आतिशबाजी में ज्यादा हो गई है। बम की बिक्री कम हो गई है। लोगों को आकाश में रोशनी फैलाने वाले पटाखे ज्यादा पसंद आ रहे है। छह शॉट, बारह शॉट, अनार आदि प्रमुख है।


फिलहाल नहीं दिखा असर

सुप्रीम कोर्ट ने भले ही पटाखे चलाने के लिए समय निर्धारित किया है। लेकिन इसका असर फिलहाल तो बाजार में कम ही दिखा। होलसेल व्यापारियों की नजर में फिलहाल तो व्यापार सामान्य जितना ही हुआ है। क्योंकि माल दीपावली के काफी पहले ही बुक हो जाता है। इसकी डीलेवरी भी दे दी जाती है। इसलिए इसका असर फिलहाल इतना दिखाई नहीं दिया है। खुदरा दुकानदारों की बिक्री से पता चल सकेगा।