
अजमेर . देश भ्रम की स्थिति में है। भारतीय राजनीति मुद्दों नहीं चेहरों पर चल रही है। प्रत्येक राजनीतिक दल के पास एक चेहरा है। यही चेहरा पार्टी की दशा व दिशा तय करता है। हकीकत यह है कि राजनीतिक पार्टियों में आंतरिक लोकतंत्र खत्म हो चुका है। देश को नए विकल्प की तलाशने के लिए मतदाताओं को पार्टियों को जवाब देने के लिए आत्मबल पैदा करना होगा। यह मानना है कवि व साहित्यकार कुमार विश्वास का। ब्यावर में आयोजित कवि सम्मेलन में शिरकत करने के लिए जाते वक्त बुधवार जयपुर रोड बालाजी स्थित एक होटल में राजस्थान पत्रिका से विशेष बातचीत में कुमार विश्वास ने
कहा कि राजनीतिक पार्टियां भाजपा नरेन्द्र मोदी व कांग्रेस राहुल गांधी के चेहरों पर चल रही है। अन्य क्षेत्रीय पार्टियों में भी एक चेहरा ही नामलेवा रह गया है। ऐसे में पार्टी की सभी दशा-दिशा उसी चेहरे पर निर्भर है। देश राजनीतिक दोराहे पर खड़ा है। आने वाले समय में पीएम मोदी के ग्राफ में गिरावट आएगी। प्रदेश में कांग्रेस सरकार के अच्छे आसार फिलहाल हैं और केन्द्र में भी कांग्रेस मजबूत स्थिति में बन सकती है।
मोदी सरकार की विदेश नीति की तारीफ करते हुए कुमार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम हुआ है दूसरे देश भारत को आंकने लगे हैं। विदेशी मामलों में विदेश मंत्रालय तुरंत हरकत में आकर बंदी छुड़ाने या अन्य किसी मु्द्दों पर सक्रिय नजर आता है।आंदोलनों का दौर खत्मकुमार ने कहा कि देश में अब आंदोलनों का दौर खत्म हो चुका है। एक व्यक्ति की सनक पर आंदोलन किए जाने से अब यह सफल होते नजर नहीं आते।
कवि सम्मेलनों का स्तर बढ़ा
कुमार ने कहा कि साहित्य व लेखन में युवा अब अच्छा लिखने लगे हैं। कवि सम्मेलनों का स्तर अब फिर बढऩे लगा है। युवा लेखन सशक्त होगा। आयोजकों व निर्माताओं के इशारों पर नहीं चलना होगा तभी लेखन व कविता परवान चढ़ेगी।
Published on:
29 Mar 2018 05:30 am
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