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Police cops: ये टीम रखेगी अजमेर पर नजर, स्पेशल है इनकी working स्टाइल

संबंधित पुलिस महानिरीक्षक और एसपी के अलावा पुलिस मुख्यालय को भी नियमित रिपोर्ट भेजेगी।

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रक्तिम तिवारी/अजमेर.

शहर में मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त, जेल में सुविधा शुल्क वसूली और माफियाओं की गतिविधियों पर स्पेशल टीम (special team) कड़ी निगरानी रखेगी। पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर गठित टीम एसओजी-एटीएस के अलावा थानों के साथ मिलकर काम करेगी। यह संबंधित पुलिस महानिरीक्षक (IG) और एसपी (SP) के अलावा पुलिस मुख्यालय (PHQ) को भी नियमित रिपोर्ट भेजेगी।

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प्रदेश के सभी जिलों में स्पेशल टीम का गठन किया गया है। यह टीम एसओजी-एटीएस और थानों के समन्वयन में काम करेगी। संगठित अपराध (organized crime) और माफियाओं (mafia) की नकेल कसने के अलावा जेल से नेटवर्क (network from jail) चलाने वाले अपराधियों पर नजर रखेगी। इसमें पुलिस निरीक्षक स्तर के अधिकारी को प्रभारी बनाया गया है।

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ड्रग माफिया पर कड़ी नजरें
एटीएस जयपुर की टीम ने बीते साल 20 दिसंबर को लोहाखान इलाके में बड़ी कार्रवाई अंजाम दी। टीम ने छापा मारकर चार किलो एमडी ड्रग का जखीरा पकड़ा था। अजमेर में मादक पदार्थों (drug mafia) की खेप पहुंचने की सूचना लगातार एटीएस के पास पहुंच रही थी। यहां गोरू खान के ठिकानों पर छानबीन की। इस दौरान 4 किलो से ज्यादा एमडी ड्रग (MD Drug) बरामद हुई। टीम ने ड्रग को जब्त कर लिया।

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जेल में सुविधा शुल्क
बीते साल 19 जुलाई को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB )ने सेंट्रल जेल में सुविधा शुल्क (ajmer jail) मामले में कार्रवाई की थी। ब्यूरो ने मुख्य जेल प्रहरी अरुण कुमार चौहान, संजय सिंह, प्रहरी प्रधान बाना, केसाराम जाट, सजायाफ्ता बंदी दीपक, प्रवेश उर्फ पोलू को पकड़ा था। जेल में कई बार मोबाइल, सिम और अन्य सामान भी पकड़े जा चुके हैं।

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हत्या-लूट की वारदात
बीते चार-पांच साल में अजमेर में हत्या-लूट (murder and loot)की वारदात भी बढ़ी हैं। धर्मेन्द्र चौधरी, रामकेश मीणा की सरेआम हत्या हुई। पिछले साल मनी एक्सचेंजर मनीष मूलचंदानी का मर्डर हुआ। इसके अलावा कार से कैश लूट और अन्य वारदात भी हो चुकी हैं।

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टीम करेगी समन्वय
अजमेर जिले के बनाई गई स्पेशल टीम एसओजी-एटीएस (ATS-SOG)और थानों के समन्वयन में काम करेगी। संगठित अपराध और माफियाओं की नकेल कसने के अलावा जेल से नेटवर्क चलाने वाले अपराधियों पर नजर रखेगी। यह टीम पुलिस अधीक्षक की स्पेशल टीम से अलग होगी। इसमें निरीक्षक स्तर के अधिकारी को प्रभारी बनाया गया है।