
अजमेर . राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने ख्वाजा मोइनदुद्दीन चिश्ती की दरगाह में हाजिरी दी। जियारत के दौरान पग-पग पर स्वागत किया गया दरगाह दीवान, अंजुमन और दरगाह कमेटी उनका इस्तकबाल किया।आहाते नूर दरवाजे से राष्ट्रपति ने मजार शरीफ पर हाजरी दी। आस्थाने शरीफ पर उन्होंने ४२ गज लंबी मखमली चादर पेश की। अंजुमन के पदाधिकारी महामहिम को जियारत करवा रहे हैं।
राष्ट्रपति कोविंद पुष्कर से सीधे ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह पहुंचे। यहां पहुंचने पर दरगाह के निजाम गेट पर परम्परानुसार कफ्स बारीदार ने सबसे पहले राष्ट्रपति कोविंद के जूते उतारकर उन्हें पैताम पहनाए। दरगाह दीवान जैनुअल आबेदीन, अंजुमन के पदाधिकारी और दरगाह नाजिम आई. बी. पीरजादा उनकी अगवानी की। दरगाह के निजाम गेट से आगे बढ़ते ही शादियाने बजाकर उनका स्वागत किया गया।
निजाम गेट से राष्ट्रपति शाहजहांनी गेट, बुलंद दरवाजा , संदली मस्जिद, बेगमी दालान होते हुए आस्ताना शरीफ पहुंचे। शहजादी साहब के दालान में अंजुमन की तरफ से राष्ट्रपति को पारम्परिक सपासनामा और गुम्बद का चांदी का मॉडल भेंट किया गया। वापसी में राष्ट्रपति जन्नती दरवाजा, महफिल खाना होते हुए बुलंद दरवाजा पहुंचे। यहां दरगाह नाजिम आई. बी. पीरजादा उन्हें तलवार भेंट कर इस्तकबाल किया। निजाम गेट पर दरगाह दीवान जैनुअल आबेदीन उनका इस्तकबाल किया।
पूछा दरगाह के बारे में
राष्ट्रपति ने दरगाह में अंजुमन पदाधिकारियों, अधिकारियों, दरगाह कमेटी और दरगाह दीवान से सूफी संत की दरगाह के बारे में पूछा। उन्होंने कहा कि गरीब नवाज की दरगाह में आकर वास्तव में सबको सुकून मिलता है। यह अमन-चैन और भाईचारे का संदेश देती है। इस दौरान दरगाह परिसर पूरी तरह से खाली रहा।
आ चुके कई पूर्व राष्ट्रपति
ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह में देश के कई पूर्व राष्ट्रपति आ चुके हैं। इनमें के. आर. नारायणन, डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम , प्रतिभा पाटील, प्रणब मुखर्जी शामिल हैं। इनके अलावा कई देशों के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति भी दरगाह में हाजिरी दे चुके हैं।
Published on:
14 May 2018 01:26 pm
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