
देवी-देवताओं के अपमान के विरोध में निकाला शांति मार्च
सनातन संस्कृति और हिन्दू देवी-देवताओं के अपमान के विरोध में सकल हिन्दू समाज के तत्वावधान में रविवार को शांति जुलूस निकाला गया। परशुराम मंदिर अजंता टॉकीज से जयकारों के साथ मार्च विभिन्न मार्गों से होकर कलक्ट्रेट पहुंचा। यहां हनुमान चालीसा का पाठ करने के बाद जिला कलक्टर को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान ऊंची इमारतों और सड़कों पर पुलिसकर्मी तैनात रहे। शांति मार्च रूट की ड्रोन से निगरानी की गई।
सकल हिन्दू समाज के तत्वावधान में हाथों तख्तियां, केसरिया और तिरंगे ध्वज के साथ मंदिर अजंता टॉकीज से शांति जुलूस रवाना हुआ। इसमें संत महात्माओं क अलावा राजस्थान ब्राह्मण महासभा, महात्मा ज्योतिबा फुले, माली सैनी समाज, सिंधी साज, जाटव-यादव समाज, अजमेर शहर वाल्मिकी समाज, प्रगतिशील राजपूत सभा, अग्रवाल समाज, अखिल राजस्थान परशुराम महासंघ, रैगर समाज, माहेश्वरी समाज, धोबी विकास समिति, मारवाड़ी अरोड़ा पंचायत समिति, श्याम प्रेमी बंधु, दाधीच समाज, भारतीय सिन्धु सभा, व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
यूं निकला जुलूस
शांति मार्च मार्टिंडल ब्रिज, बाटा तिराहा, केसरगंज, गोल चक्कर, पड़ाव, कवंडसपुरा, मदार गेट,गांधी भवन कचहरी रोड होता हुआ कलक्ट्रेट तक पहुंचा। कलक्ट्रेट पर ईश्वर मनोहर उदासीन आश्रम के महंत स्वरूपदास, श्रीराम विश्वधाम के महंत अर्जुनदास, संत गौतम सांई, साध्वी अनादि सरस्वती और अन्य संतों की अगुवाई में सतानत संस्कृति से जुड़े संगठनों के प्रतिनिधियों ने हनुमान चालीसा पाठ किया।
चार घंटे बंद रही दुकानें
शांति मार्च के समर्थन में शहर के कई बाजारों में व्यापारिक संगठनों ने दुकानें-प्रतिष्ठान बंद रखे। केसरगंज, कवंडसपुरा, गोल चक्कर, मदार गेट, कचहरी रोड, नया बाजार, पुरानी मंडी, दरगाह बाजार में भी अधिकांश दुकानें चार घंटे बंद रहीं। दरगाह बाजार, धानमंडी, नला बाजार के व्यापारिक एसोसिएशन ने भी सहयोग दिया। शांति मार्च खत्म होने के बाद ही वापस रौनक नजर आई।
Published on:
26 Jun 2022 12:28 pm
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