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जन सुनवाई में टूटा पीड़ित दिव्यांग का सब्र, दी ऐसी चेतावनी जिसे सुनकर फूले अधिकारियों के हाथ पांव

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अजमेर

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Rajesh

Jul 24, 2018

divyang

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अजमेर

विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक बी.एम.भामू ने सोमवार को विद्युत उपभोक्ताओं की विद्युत संबंधी शिकायतों के समाधान के लिए हाथी भाटा पावर हाऊस में जन सुनवाई की। इस दौरान दर्ज हुई अधिकतर शिकायतें बिल,नए कनेक्शन, लाइन शिफ्ट करवाने, मीटर, कृषि कनेक्शन,सतर्कता जांच संबंधी थी। इनमें अजमेर डिस्कॉम की 10 तथा टाटा पावर की 22 शिकायतें थीं। जन सुनवाई में एक दिव्यांग की शिकायत ऐसी भी आई जिसका समाधान नहीं होने पर दिव्यांग ने चेतावनी दी की वह प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इच्छा मृत्यु की मांग करेगा। यह चेतावनी सुनते ही उपस्थित अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए।

बिलों का भगुतान नहीं हुआ तो मागूंगा इच्छा मृत्यु

जनसुनवाई के दौरान मदार सब डिवीजन में नियुक्त विकलांग कर्मचारी मुकेश भूरिया का सब्र का बांध टूट गया। पीड़ित ने अगस्त 2010 से 2 फरवरी 2012 तक के बकाया मासिक वेतन, मेडिकल लीव सर्टीफिकेट देने तथा इसी समय अंतराल के सेवा सत्यापन (सर्विस) करने, एसीपी लगाने तथा सातवें वेतन मांग को लेकर प्रबन्ध निदेशक को ज्ञापन सौंपा। चेतावनी के बाद प्रबन्ध निदेशक ने समस्या समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए।

कमर के नीचे का हिस्सा सुन्न

भूरिया ने बताया कि बकाया नहीं मिलने के कारण वह अपना इलाज नहीं करवा रहा है। तीन बार जनसुनवाई में उपस्थित होकर मेडिकल बिल, बकाया वेतन और सर्विस सत्यापन के लिए प्रार्थन पत्र दे चुका हूं लेकिन अब तक राहत नहीं मिल। यदि मेरी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो मैं प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इच्छा मृत्यु की मांग करूंगा। गौरतलब है कि वर्ष 2008 में भीलवाड़ा के करेड़ा सब डिवीजन में काम के दौरान एक्सीडेट में भूरिया की रीढ़ की हड्डी में चोट लगने से कमर के नीचे का हिस्सा सुन्न हो गया है। भूरिया का लम्बे समय से इलाज चल रहा है।

अधिकारियों को सख्त निर्देश
जन सुनवाई में बिल में नाम संशोधन संबंधी, नए कनेक्शन दिलवाने, लाइन शिफ्ट करवाने संबंधी,मीटर संबंधी समस्याओं के तुरन्त समाधान के लिए टाटा पावर के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया गया। एवं कहा कि कोई भी समस्या दुबारा जनसुनवाई के दौरान नहीं आनी चाहिए। उपभोक्ता को यह एहसास होना चाहिए कि निगम द्वारा की जाने वाली जनसुनवाई में किसी भी प्रकार की समस्या का समाधान तुरंत प्रभाव से किया जाता है।